How Identify Flood Damaged Car: भारत में पिछले कुछ महीने से भीषण गर्मी पड़ रही है. लेकिन कुछ प्रदेश में मानसून ने गर्मी से राहत दी है. लेकिन अभी भारी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है और कुछ जगह बाढ़ के भी आशंका है. अक्सर देखा जाता है कि, जब भी बाढ़ आती है तो बहुत सी गाड़ियां पानी में पूरी तरह डूब जाती हैं. बाद में इन खराब गाड़ियों को साफ-सुथरा करके पुरानी गाड़ियों के मार्केट में बेहद कम दाम पर बेचने के लिए उतार दिया जाता है.
जब भी आप मार्केट में जाते हैं ये कारें बिल्कुल नई और चमचमाती हुई दिखती हैं. जिससे लोग लालच में आकर इन्हें खरीद लेते हैं. लेकिन बाद में ये गाड़ियां आपके खूब खर्चे कराती हैं. क्योंकि पानी इनके इंजन और इलेक्ट्रॉनिक्स को अंदर से खोखला कर देता है. तो चलिए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पुरानी गाड़ी खरीदते समय आप किन 5 आसान संकेतों से तुरंत पहचान सकते हैं कि कार बाढ़ के पानी में डूबी थी या नहीं.
बता दें कि, बाढ़ के पानी में डूबी कार को पहचानने का सबसे आसान और पहला तरीका है उस गाड़ी की महक. जब गाड़ी के केबिन, सीटों और नीचे बिछे कारपेट में गंदा पानी घुस जाता है तो उसे पूरी तरह सुखाना नामुमकिन होता है. गाड़ी के दरवाजे खोलते ही अगर आपको सीलन, सड़न या फंगस जैसी अजीब सी बदबू आए तो तुरंत सावधान हो जाएं.
कई बार चालाक डीलर इस बदबू को छिपाने के लिए कार में फ्रेशनर या परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं. अगर कार में हद से ज्यादा तेज फ्रेशनर की खुशबू आ रही हो तो समझ जाएं कि अंदर कुछ न कुछ छिपाने की कोशिश की जा रही है.
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जब भी आप गाड़ी देखने जाएं तो सीटों के नीचे और पैरों के पास बिछे कारपेट को थोड़ा उठाकर जरूर देखें. अगर कारपेट के नीचे मिट्टी, कीचड़ या नमी महसूस होती है तो यह पानी घुसने का साफ इशारा है.
इसके अलावा सीट के नीचे के लोहे के स्प्रिंग्स, बोल्ट और पैडल के पास लगे मेटल के हिस्सों को करीब से देखें. अगर वहां आपको जंग लगी हुई दिखाई दे तो समझ जाएं कि गाड़ी पानी में पहले ही डूब चुकी है.
जब भी किसी कार में पानी घुसता है तो पानी के बारीक कण कांच और फाइबर के बीच बहुत लंबे समय तक फंसे रहते हैं. कार की हेडलाइट्स और पीछे की टेललाइट्स को ध्यान से देखें. अगर उनके अंदर पानी की छोटी-छोटी बूंदें या कोहरे जैसी नमी जमी हुई दिखे. तो यह संकेत है कि गाड़ी पानी के भारी दबाव में रही है. यही नियम कार के डैशबोर्ड पर लगे इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर भी लागू होता है. अगर मीटर के शीशे के अंदर धूल के कण या पानी के सूखने के गोल दाग दिखाई दें तो समझ जाएं कि गाड़ी के केबिन में पानी काफी ऊपर तक आया था.
बता दें कि, बाढ़ का पानी कार के सेंसर्स और वायरिंग का सबसे बड़ा दुश्मन होता है. कार के अंदर बैठकर सभी फीचर्स जैसे पावर विंडो, हॉर्न, म्यूजिक सिस्टम, केबिन लाइट्स और एसी को बार-बार चलाकर देखें कि वे ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं. इ
सके बाद कार की सीट बेल्ट को पूरी तरह से बाहर खींचें. सीट बेल्ट का जो हिस्सा बिल्कुल अंदर दबा रहता है, उसे खींचकर देखें कि क्या उस पर कीचड़ के दाग, पानी के निशान या बदबू है. अगर बेल्ट के आखिरी हिस्से का रंग बदला हुआ या गंदा दिखे तो गाड़ी को खरीदने की गलती बिल्कुल न करें.
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