नई दिल्ली। पटना हाईकोर्ट के रेप के बारे में कही गई बात पर सीजेआई सूर्यकांत नाराज हो गए। पटना हाईकोर्ट ने बीते दिनों एक केस में कहा था कि महिला की सलवार उतारने की कोशिश या छाती दबाना रेप का प्रयास नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को ये मुद्दा जब उठा, तो सीजेआई सूर्यकांत नाराज हो गए। सीजेआई ने कहा कि जजों को कुछ शोध भी करना चाहिए। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी 2025 में यही बात कही थी। उस वक्त सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेकर कहा था कि जजों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और महिलाओं से जुड़े मामलों में इस तरह की टिप्पणी करते हुए फैसला नहीं देना चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट की नसीहत के बाद भी पटना हाईकोर्ट ने ऐसी ही बात कह दी। सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ अपील हुई है। सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई की बेंच ने कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी कमेटी की रिपोर्ट है। यौन अपराधों पर इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए। न्यायिक अकादमी कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रेप के बारे में दिए फैसले के बाद ये रिपोर्ट तैयार की है। जिससे जजों को ऐसे मामलों में संवेदनशील बनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि आदेश के बाद भी ऐसे कहा जा रहा। इस पर सीजेआई ने पटना हाईकोर्ट के फैसले पर आपत्ति जताई।

सीजेआई ने कहा कि स्टाफ भी कुछ भी नहीं कर रहा। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि एक हैंडबुक तैयार की गई है। सभी हाईकोर्ट और उसके नीचे के कोर्ट को उसका पालन करना चाहिए। साथ ही सरकारों को पुलिस को आदेश देना चाहिए कि इस नियमावली का पालन हो। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में केस दर्ज करने और चार्जशीट करते वक्त भी इसका ध्यान रखा जाए। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस बारे में अच्छा फैसला देकर उसे अपलोड करेंगे। पटना हाईकोर्ट के जस्टिस पूर्णेंदु सिंह ने 9 जुलाई को फैसले में कहा था कि अगर किसी ने महिला का सलवार उतारने की कोशिश की या छाती दबाई, तो ये शील भंग माना जाएगा, रेप की कोशिश नहीं। पटना हाईकोर्ट ने दोषी को मिली सजा भी रद्द कर दी थी।
The post CJI Surya Kant On Rape: ‘छाती दबाना-सलवार उतारने की कोशिश रेप का प्रयास नहीं’, पटना हाईकोर्ट का ये फैसला सुन नाराज हुए सीजेआई सूर्यकांत, पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी ऐसा कहा था appeared first on News Room Post.