रयान चेर्की ने लुकास डिग्ने पर पूछे गए सवाल पर जताई नाराज़गी, स्पेन से विश्व कप सेमीफ़ाइनल हार के बाद फ्रांस की निराशा पर बोले तीखे शब्द
विकास चौधरी July 16, 2026 02:01 AM

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रयान चेर्की अपनी झुंझलाहट छिपा नहीं सके जब फ्रांस को विश्व कप सेमीफ़ाइनल में स्पेन के हाथों 2-0 की हार का सामना करना पड़ा। मैनचेस्टर सिटी के इस स्टार ने अपने साथी खिलाड़ी लुकास डिग्ने के प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने पर पत्रकारों को करारा जवाब दिया। डिग्ने का यह मैच डलास में उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था।

चेर्की ने डिग्ने की गलती का बचाव किया

डिडिएर डेशॉम्प्स की टीम का फाइनल तक पहुंचने का सपना तब टूट गया जब स्पेन ने सेमीफ़ाइनल में बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पहले हाफ की शुरुआत में ही लुकास डिग्ने ने लमिन यामाल पर बॉक्स के अंदर फाउल किया, जिससे स्पेन को पेनल्टी मिली। मिकेल ओयारज़ाबाल ने इस मौके का फायदा उठाते हुए गोल दागा और मैच की दिशा तय कर दी। दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने स्पेन की बढ़त को 2-0 कर दिया। मैच के बाद मिक्स्ड ज़ोन में जब चेर्की से हाफटाइम के दौरान डिग्ने की मानसिक स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी।

चेर्की ने जवाब दिया, “आप क्या सोचते हैं मैं क्या कहूंगा? कि वह रो रहा था, कि हमने उसका सिर नीचे कर दिया? नहीं। खेल में ऐसी चीज़ें होती हैं, यह फ़ुटबॉल है। हमें उसे अपने साथ रखना होगा, और वह हमारे साथ रहेगा। हम सब एकजुट थे। हाफटाइम में हम सब साथ थे।”

मैच का निर्णायक मोड़

चेर्की ने स्पेन के दूसरे गोल को निर्णायक बताया जिसने मैच का नतीजा तय कर दिया। उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि दूसरा गोल बहुत अहम होगा क्योंकि ऐसे मैच में अगर स्कोर 1-1 होता, तो बचाव करना बेहद मुश्किल होता। 2-0 पर कहानी पूरी तरह बदल जाती है। आज की निराशा बहुत बड़ी है।”

चेर्की, जो 72वें मिनट में मैदान पर उतरे जब स्कोर पहले से तय हो चुका था, अपने सीमित खेलने के समय से भी असंतुष्ट दिखे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे पहले मैदान में उतरना चाहते थे, तो उन्होंने संक्षेप में कहा, “आप क्या सोचते हैं?” और इंटरव्यू वहीं समाप्त कर दिया।

‘हम खुद से हार गए’

चेर्की ने फ्रांसीसी टीम के समग्र प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ी, बहुत बड़ी निराशा है... क्योंकि आज हम खुद से हार गए।” उन्होंने साफ़ कहा, “हम रेफरी से नहीं हारे, हम स्पेन से नहीं हारे, हम खुद से हारे। यहां सभी जानते हैं कि हम एक ताकतवर टीम थे। हमें केवल खुद ही हरा सकते थे, और आज वही हुआ। हम तकनीकी रूप से हारे, हम रणनीतिक रूप से हारे, हम द्वंद्व में हारे। आज की निराशा बेहद गहरी है।”

तीसरे स्थान के लिए मुकाबला बाकी

इस हार के बावजूद फ्रांस को टूर्नामेंट के अंतिम चरण के लिए खुद को फिर से तैयार करना होगा। शनिवार को मियामी में वे इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल की हारने वाली टीम से तीसरे स्थान के लिए भिड़ेंगे। यह मुकाबला भले ही उतना सुकून नहीं देगा, पर टीम के लिए यह सम्मानजनक अंत का मौका है। चेर्की और उनके साथियों का लक्ष्य टूर्नामेंट को सकारात्मक नोट पर समाप्त करना रहेगा।

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