Mehandipur Balaji Mystery: दर्शन के बाद पीछे देखना मना, जानिए बजरंगबली के इस अनोखे मंदिर की पूरी कहानी
TV9 Bharatvarsh July 16, 2026 10:43 PM

Mehandipur Balaji: हनुमान जी को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है. बजरंगबली का जन्म त्रेतायुग में हुआ था और वो आज कलयुग में भी धरती पर अपने प्रभु श्रीराम के नाम का स्मरण कर रहे हैं. हनुमान जी संकटमोचन माने जाते हैं. मंगलवार के दिन बजरंगबली की विशेष पूजा और व्रत किया जाता है. मंगलवार के दिन देश भर के हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है. हमारे देश में हनुमान जी के कई चमत्कारी और रहस्यमयी मंदिर हैं.

इन मंदिरों से जुड़ी मान्यताएं जितनी पावन और दिव्य हैं, उतनी ही हैरान करने वाली भी हैं. हनुमान जी एक ऐसा ही चमत्कारी और रहस्यमयी धाम राजस्थान के दौसा में भी है. हनुमान जी के इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यहां दर्शन के बाद पीछे मुड़कर देखना सख्त मना है. मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बालाजी महाराज के दर्शन के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं. हम बात कर रहे हैं मेहंदीपुर बालाजी की. आइए जानते हैं कि यहां दर्शन के बाद पीछे मुड़कर न देखने के पीछे क्या रहस्य है?

मेहंदीपुर बालाजी में श्रद्धालु क्यों नहीं मुड़कर देखते?

मेहंदीपुर बालाजी से जुड़ी एक धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु मंदिर से बाहर जाते वक्त पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं. स्थानीय परंपराओं और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, यहां श्रद्धालु दर्शन करने के बाद पीछे मुड़कर देखने की बजाय आगे की ओर बढ़ जाते हैं. इस मान्यता के पीछे ये माना जाता है कि यहांदर्शन के बाद पीछे मुड़कर देखने से नकारात्मक ऊर्जा या आत्माएं व्यक्ति के पीछे पड़ सकती हैं, इसलिए यहां दर्शन के बाद पीछे मुड़कर देखना मना है.

प्रार्थना और विश्वास पीछे ही छूट जाता है

वहीं कई श्रद्धालु मानते हैं कि बालाजी के चरणों में अर्जी लगाने के बाद आगे की ओर बढ़ना चाहिए. पीछे मुड़कर देखने से प्रार्थना और विश्वास पीछे ही छूट जाता है. इस वजह से अधिकतर श्रद्धालु श्रद्धा-सुमन के साथ बिना पीछे मुड़े आगे बढ़ जाते हैं. बालाजी महाराज यहां आए लोगों के दुख और कष्ट दूर करते हैं और अपना दुख मुड़कर देखना किसी को भी अच्छा नहीं लगता है, इसलिए भी मंदिर परिसर में बालाजी महाराज के दर्शन के बाद पीछे मुड़कर देखना मना है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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