महादेव बेटिंग ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई, टीवी होस्ट शेफाली बग्गा पर कसा शिकंजा
TV9 Bharatvarsh July 17, 2026 12:43 AM

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले की जांच के तहत टीवी होस्ट शेफाली बग्गा से रायपुर जोनल कार्यालय में पूछताछ की. जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा का नाम इस मामले में सामने आया है और उनसे कई अहम बिंदुओं पर जानकारी ली जा रही है.

ED के मुताबिक, शेफाली बग्गा को खंजन जगदीश कुमार ठक्कर का करीबी सहयोगी माना जा रहा है. जांच में सामने आया है कि खंजन ठक्कर भारत में ऑनलाइन बेटिंग ऐप के संचालन और प्रचार से जुड़ा हुआ है.

एजेंसी का यह भी आरोप है कि वह महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े हवाला नेटवर्क का प्रमुख संचालक है और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन संभालता है.

ED को मिले डिजिटल सबूत

जांच के दौरान ED को ऐसे डिजिटल सबूत और प्रचार सामग्री मिली है, जिनमें शेफाली बग्गा कथित तौर पर बेटिंग ऐप का प्रचार करती हुई दिखाई दे रही हैं. एजेंसी का दावा है कि वह केवल ऐप का प्रचार ही नहीं कर रही थीं, बल्कि खिलाड़ियों को बेटिंग से जुड़े टिप्स भी देती थीं.

ED के अनुसार, शेफाली बग्गा एक टेलीग्राम चैनल भी चलाती हैं, जहां कथित तौर पर अवैध ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े प्रमोशनल पोस्ट और टिप्स साझा किए जाते थे.

ईडी अवैध बेटिंग की कर रही है जांच

फिलहाल ED मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क के प्रचार और वित्तीय गतिविधियों में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही है. कुल मिलाकर, ED ने इस केस से जुड़ी लगभग 3,800 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, सीज और फ्रीज की है.

ED के मुताबिक, बेटिंग सिंडिकेट विदेश से मैनेज किए जाने वाले एक फ्रेंचाइजी-बेस्ड पैनल नेटवर्क के जरिए काम करता है, जो गैर-कानूनी बेटिंग एक्टिविटीज से हर महीने Rs 450 करोड़ से ज्यादा की क्रिमिनल कमाई करता है,.

ED ने कहा कि इन गैर-कानूनी कामों से हुई कमाई को शेल एंटिटीज के जाल के जरिए कैश के बदले अकॉमोडेशन एंट्रीज के मल्टी-लेयर्ड स्ट्रक्चर और दूसरे लेयर्ड ट्रांजैक्शन के जरिए लॉन्ड्र किया गया, ताकि दागी फंड को बेदाग दिखाया जा सके.

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