PhonePe, Paytm या Google Pay? कौन से ऐप से भारतीय सबसे ज़्यादा UPI पेमेंट करते हैं? लेटेस्ट डेटा देखें
Varsha Saini July 17, 2026 12:05 PM

आजकल चाय की दुकानों से लेकर बड़े कमर्शियल मॉल तक, हम हर जगह ‘स्कैन एंड पे’ यानी UPI पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, कई लोग सोचते हैं कि भारत के इस बड़े डिजिटल पेमेंट मार्केट में अभी कौन सा ऐप हावी है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के जारी किए गए लेटेस्ट आंकड़ों से अब पूरी तस्वीर साफ हो गई है। देश में डिजिटल पेमेंट सेक्टर में कॉम्पिटिशन ने अब एक नया और दिलचस्प मोड़ ले लिया है।

NPCI के जारी किए गए लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, ‘PhonePe’ ऐप ट्रांजैक्शन वॉल्यूम यानी कुल ट्रांजैक्शन की संख्या के मामले में भारतीय UPI मार्केट का सबसे बड़ा प्लेयर है। कुल मार्केट में अकेले PhonePe का हिस्सा 46.1 परसेंट है। इसका मतलब है कि देश में लगभग आधे डिजिटल ट्रांजैक्शन अकेले PhonePe ऐप के जरिए हो रहे हैं। इस रेस में दूसरे नंबर पर ‘Google Pay’ है, जो 32.8 परसेंट मार्केट शेयर के साथ मार्केट में मजबूती से जमा हुआ है। दूसरी तरफ, भारत में कभी डिजिटल क्रांति की शुरुआत करने वाला और घर-घर तक QR कोड पहुंचाने वाला ऐप ‘Paytm’ अब बड़ी गिरावट के साथ 7.8 परसेंट पर आ गया है और तीसरे नंबर पर आ गया है।

डिजिटल पेमेंट मार्केट में दबदबे की इस लड़ाई के साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। देश में UPI ट्रांजैक्शन को सुरक्षित, तेज और फ्री रखने के लिए केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (MDR) यानी ट्रांजैक्शन फीस को पूरी तरह जीरो कर दिया था। हालांकि, अब ऑनलाइन पेमेंट सेक्टर में कंपनियों और बैंकों के फाइनेंशियल कैलकुलेशन को बेहतर बनाने के लिए NPCI एक बार फिर बड़े बिजनेस के UPI ट्रांजैक्शन पर फीस (MDR) लगाने की तैयारी कर रहा है।

इस नए प्रपोजल के मुताबिक, आम कंज्यूमर या छोटे दुकानदारों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। यह ट्रांजैक्शन फीस सिर्फ उन बड़ी कंपनियों और बिजनेस एंटिटी पर लगेगी जिनका सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। साथ ही, यह फीस सिर्फ 2,000 रुपये से ज्यादा के बड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर ही लगाए जाने की संभावना है। अगर आप अपने दोस्तों या परिवार (P2P) को पर्सनल पैसे भेज रहे हैं, या छोटे सब्जी बेचने वालों और रिटेलर्स को पेमेंट कर रहे हैं, तो आपको इसके लिए कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं देनी होगी।

UPI ट्रांज़ैक्शन पर कुछ हद तक चार्ज फिर से लागू होने से नेशनल बैंकों के साथ-साथ ‘One97 Communications’ (Paytm) और ‘MobiKwik’ जैसी पेमेंट गेटवे देने वाली फिनटेक कंपनियों की इनकम में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसने अब एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है कि आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट सेक्टर में असल में क्या बदलाव होगा।

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