मुंबई अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है. करीब 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर मुंबई से अहमदाबाद सहित कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. रेलवे मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना का संचालित 15 अगस्त 2027 तक शुरू होने का टारगेट रखा गया है. बुलेट ट्रेन का संचालन अत्याधुनिक ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए किया जाएगा. हालांकि ट्रेन में मौजूद पायलट की जिम्मेदारी कंट्रोल सेंटर के निर्देशों का पालन करना, सिस्टम की निगरानी करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेना होगा.
भारत में कैसे बन सकेंगे बुलेट ट्रेन के ड्राइवर?
भारत में अभी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू नहीं हुई है, इसलिए इसके लिए अलग से ड्राइवर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है. हालांकि हाई स्पीड रेल परियोजना से जुड़े तकनीकी और संचालन स्टाफ की भर्ती एनएचएसआरसीएल के माध्यम से की जा रही है. भविष्य में बुलेट ट्रेन के संचालन के लिए रेलवे, मेट्रो या हाई स्पीड रेल सिस्टम में अनुभवी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देकर पायलट बनाया जा सकता है. इसके लिए पहले से रेलवे संचालन का एक्सपीरियंस रखने वाले कर्मचारियों को जापान में स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी, क्योंकि भारत की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना जापान की तकनीक पर आधारित है. हालांकि फिलहाल बुलेट ट्रेन परियोजना में काम करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एनएचएसआरसीएल ने विभिन्न तकनीकी और ऑपरेशन से जुड़े पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है.
एनएचएसआरसीएल में निकली 224 पदों पर भर्ती
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने कुल 224 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है. इनमें 209 नॉन-एग्जीक्यूटिव और 15 एग्जीक्यूटिव पद शामिल है. भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर, स्टेशन-ट्रेन मैनेजर, डिपो एवं ऑपरेशन कंट्रोलर, सूचना प्रौद्योगिकी और सिक्योरिटी से जुड़े पदों पर नियुक्ति की जाएगी. जूनियर इंजीनियर के पद सिविल, ट्रैक, इलेक्ट्रिकल, सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम, रोलिंग स्टॉक और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन जैसे डिपार्टमेंट में उपलब्ध है.
इन पदों के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
भर्ती अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की अधिकतम आयु 31 में 2026 तक 45 वर्ष से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अभ्यर्थियों के पास संबंधित पद के अनुसार 3 साल का डिप्लोमा या बीई-बीटेक की डिग्री होनी जरूरी है. इसके अलावा रेलवे, मेट्रो या रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस क्षेत्र में कम से कम 3 साल का एक्सपीरियंस भी रखा गया है. वहीं चयनित उम्मीदवारों का चयन डीबीटी परीक्षा के आधार पर और फिर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षा से होगा.