कैसे होते हैं जुड़वां बच्चे, मां के शरीर में क्या करती है कोशिकाएं? जानिए इसके पीछे का साइंस
एबीपी लाइव July 24, 2026 01:12 AM

Science Behind Twins Pregnancy: किसी भी औरत के लिए मां बनना बड़ी ही खुशी की बात होती है. ऐसे में जब उन्हें पता चले कि वो एक नहीं दो बच्चों की मां बनने वाली है तो उनकी खुशी दुगनी हो जाती है. आमतौर पर कोई भी गर्भवती महिला एक बच्चे को ही जन्म देती है. लेकिन कुछ परिस्थितियों में वह एक से ज्‍यादा बच्‍चों को भी जन्म दे सकती है. लेकिन ऐसा बहुत ही दुर्लभ मामलों में होता है, आंकड़ो के मुताबिक दुनियाभर में हर 250 गर्भवती महिलाओं में से एक को जुड़वा बच्‍चे पैदा होने की संभावनी रहती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर जुड़वां बच्चे होते कैसे हैं? हमारे देश में जुड़वा बच्चों को लेकर तमाम तरह के मिथ प्रचलित हैं, लोग इसे लेकर अलग-अलग तरह की बातें बताते हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर जुड़वा बच्चे क्यों होते हैं.

कैसे बनता है बच्चा?

जुड़वां बच्चों का विज्ञान समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि एक सामान्य बच्चा कैसे बनता है. दरअसल महिला के शरीर में हर महीने एक अंडा बनता है. जब पुरुष का शुक्राणु इस अंडे से मिलता है, तो अंडा फर्टिलाइज हो जाता है. इसके बाद एक सिंगल कोशिका बनती है, जिसे जायगोट कहते हैं. यही आगे चलकर धीरे-धीरे एक बच्चे का रूप ले लेती है. 

कैसे बनते हैं जुड़वा बच्चे?

जुड़वा बच्चे होने के पीछे कई तरह के कारण जिम्मेदार होते हैं, जैसे परिवार की आनुवांशिक स्थिति, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट आदि के कारण भी एक महिला जुड़वा बच्चे को जन्म दे सकती है. इसके अलावा जब भ्रूण बनाने के लिए फर्टिलाइज एग तक स्पर्म पहुंचता है तो यदि गर्भाशय में दो अंडे मौजूद हों तो महिला के जुड़वा बच्चे के जन्म देने की उम्मीद बढ़ जाती है.

दरअसल जु़ड़वा बच्चे भी दो तरह के होते हैं, एक जिसमें दोनों दिखने में अलग होते हैं. इन्हें डायजाइगोटिक ट्विन्स कहा जाता है. ऐसा तब होता है, जब गर्भ में दो अंडे फर्टिलाइज हो जाते है. इन बच्चों का जेडंर भी अलग हो सकता है और दिखने में इनके चेहरे भी अलग हो सकते हैं. दुसरे जिसमें दोनों दिखने में एक जैसे होते है, इन्हें मोनोजाइगोटिक ट्विन्स कहा जाता है. ये एक ही अंडे और शुक्राणु से बने होते है. इसलिए इनका जेडंर और इनके चेहरे समान होते हैं. 

यह भी पढे़ंः खाने के तुरंत बाद होने लगती है गैस? ये पांच गलतियां बार बार कर रहे हैं आप- आज ही कर लें सुधार

जुड़वा बच्चे होने के लक्षण 

कई बार गर्भवती महिलाएं गर्भ में पल रहे शिशु की धड़कन जरूर सुनती हैं. हर स्त्री के लिए ये पल बहुत खास होता है. यदि आपको गर्भ में दो अलग-अलग दिल की धड़कन सुनाई देती है तो इससे गर्भ में पल रहे दो जुड़वा बच्चों का पता लग सकता है. साथ ही किसी भी महिला के गर्भवती होने पर उसे सिकनेस की समस्या होना आम होता है, लेकिन यदि जब महिला जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली होती है तो उसे इस तरह की समस्या ज्यादा होती है. जब गर्भ में  जुड़वां बच्चे होते हैं तो महिला को बहुत भूख लगती है, साथ ही महिला का वजन भी तेजी से बढ़ता है.

यह भी पढे़ंः ये 4 तरीके अपना लिए तो तुरंत छूट जाएगी सिगरेट, गलती से भी नहीं लगाएंगे हाथ

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.