Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 10 गलतियां, वर्ना घर में आएगी दरिद्रता
TV9 Bharatvarsh July 24, 2026 11:43 PM

Devshayani Ekadashi Vrat 2026: हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादाशी के दिन भगवान विष्णु के भक्त देवशयनी एकादशी का व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. देवशयनी एकादशी बहुत विशेष होती है, क्योंकि इस दिन भगवान चार माह के लिए संसार के पालन का कार्यभार छोड़कर पाताल लोक में विश्राम करने यानी योगनिद्रा में चले जाते हैं. इसके बाद चार मास का चातुर्मास प्रारंभ हो जाता है, जिसका समापन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन होता है. कल देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत हो रही है.

इसका समापन 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन होगा. देवशयनी एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजन करने से जीवन में खुशहाली आती है और मृत्यु के बाद आत्मा को श्री हरि विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त होता है. देवशयनी एकादशी के दिन पूजा और व्रत के नियम शास्त्रों में बताए गए हैं. इस दिन कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए, वर्ना व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और घर में दरिद्रता का वास हो जाता है.

देवशयनी एकादशी पर न करें ये गलतियां
  • देवशयनी एकादशी के दिन भूलकर भी चावल, गेहूं, दाल और अन्य अनाज का सेवन न करें. इससे व्रत खंडित हो जाता है.
  • इस पावन दिन पर मांस, मछली, अंडा, शराब और अन्य तामसिक भोजन न करें. ऐसा करने से भगवान विष्णु नाराज होते हैं.
  • एकादशी के मौके पर भूलकर भी तुलसी के पत्तों को न तोड़ें. ऐसा करना शुभ नहीं माना गया है.
  • इस पवित्र दिन पर तुलसी को जल भी न चढ़ाएं. मान्यता है कि एकादशी को तुलसी जी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं.
  • इस दिन गरीब, बुजुर्ग, साधु-संत, माता-पिता और जरूरतमंद लोगों का अपमान न करें.
  • देवशयनी एकादसी के दिन से ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में इस दिन से चातुर्मास के समापन तक कोई शुभ काम न करें.
  • इस दिन घर में शांति बनाए रखें. किसी पर गुस्सा न करें और ना ही किसी से कोई विवाद करें.
  • इस दिन गंदे और काले वस्त्र धारण न करें, बल्कि साफ-सुथरे और हल्के रंग के (विशेषकर पीले) वस्त्र पहनें.
  • एकादशी के दिन आलस्य का त्याग करें. व्रत के दिन भूलकर भी दिन में न सोएं.
  • एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर ही करें. गलत समय और नियम से व्रत का पारण न करें.
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    Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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