केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. पंजाब के रहने वाले रवनीत सिंह बिट्टू राज्यसभा के सदस्य थे. बिट्टू 27 अगस्त 2024 को राजस्थान से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए थे, उनका कार्यकाल 21 जून 2026 तक रहा.
सूत्रों से पता चला है कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. पार्टी उन्हें चुनाव में कोई महत्वपूर्ण भूमिका सौंप सकती है. इसके अलावा, वे स्वयं भी किसी प्रमुख सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. लंबे समय से यह चर्चा चल रही है कि रवनीत सिंह बिट्टू को केंद्रीय मंत्री पद से हटाकर पंजाब भेजा जाएगा. हालांकि पार्टी की तरफ से या खुद रवनीत सिंह बिट्टू की तरफ से इस पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं बिट्टूरवनीत सिंह बिट्टू भारत सरकार में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रह चुके हैं. वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं और अभी भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य हैं. उनका कार्यकाल 21 जून, 2026 को खत्म होगा.
कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में हुए थे शामिलरवनीत सिंह बिट्टू 24 मार्च, 2024 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए. इससे पहले, उन्होंने 11 मार्च, 2021 से 18 जुलाई, 2021 तक लोकसभा में इंडियन नेशनल कांग्रेस के नेता के तौर पर काम किया. बिट्टू 2014 और 2019 के आम चुनावों में लुधियाना से और उससे पहले 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा के लिए चुने गए थे.
पंजाब में बीजेपी का चेहरा बनेंगे रवनीत?माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है. पार्टी राज्य में अपने संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की सक्रिय राजनीति में लाने की योजना बना रही है. सूत्रों के अनुसार, BJP ने रवनीत सिंह को लेकर एक व्यापक योजना तैयार कर ली है. वे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए इसी रणनीति के तहत काम करेंगे.
(इनपुट रजनीश रंजन)