Chaturmas 2026: आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. इसी के साथ भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले गए हैं और चार माह के चातुर्मास की शुरुआत हो गई है. ये समय भगवान विष्णु और देवताओं के शयनकाल का माना जाता है. इस समय भगवान विष्णु दैत्यराज बलि के पाताल लोक में विश्राम करते हैं. अब भगवान कार्तिक शुक्ल की देवउठनी एकादशी के दिन 20 नवंबर को उठेंगे और इसी दिन चातुर्मास का समापन हो जाएगा. चूंकि, देवशयनी एकादाशी यानी आज से चातुर्मास की शुरुआत हो गई है, इसलिए सभी और मांगलिक कामों पर भी चार माह के लिए रोक लगा दी गई है.
भगावन विष्णु के विश्राम के समय में विवाह समेत सभी मांगलिक काम चार माह के लिए रोक दिए जाते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस समय किए गए मांगलिक कामों का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है. हालांकि, देवशयनी एकादशी से शुरू हुए चातुर्मास में पूजा-पाठ, जप, तप और साधना करने में कोई रोक नहीं होती है, बल्कि इस समय में पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक मिलता है. यही कारण है कि देवशयनी एकादशी पर योगनिद्रा में लीन हो जाने के बाद भी भगवान की पूजा और व्रत में कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन चूंकि आज से चातुर्मास प्रारंभ हो गया है, तो आइए जानते हैं कि अगले चार माह कौन- कौ से शुभ काम करने से परहेज करना है?
चातुर्मास में न करें ये शुभ कामशादी-विवाह: चातुर्मास में शादी-विवाह पर पूरी तरह से रोक होती है, क्योंकि ये देवाताओं का शयनकाल का समय माना जाता है. विवाह जैसे मांगलिक कामों में देवताओं का आशीर्वाद और उपस्थिति जरूरी है, इसलिए इस दौरान भूलकर भी शादी-विवाह न करें.
गृह प्रवेश: शास्त्रों में चातुर्मास के दौरान नए घर में प्रवेश करने की मनाही होती है, इसलिए इस दौरान गृह प्रवेश न करने की सलाह दी जाती है. इस समय में गृह प्रवेश करने और नए घर में जाने से जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं.
मुंडन संस्कार: चातुर्मास के समय में छोटे बच्चे का मुंडन कराना वर्जित होता है. इस समय भगवान विष्णु विश्राम करते हैं, इसलिए ये भक्ति और साधना काल होता है न कि सांसारिक उत्सवों का.
उपनयन संस्कार: चातुर्मास के समय में उपनयन संस्कार भी वर्जित माना जाता है. इस समय में उपनयन संस्कार न कराएं.
अन्य शुभ काम: चातुर्मास में इन शुभ कामों के अलावा, नामकरण, सगाई, भूमिपूजन, नए भवन का निर्माण, बड़े शुभ समारोह और अन्य मांगलिक कामों से भी परहेज किया जाता है.
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.