सलमान खान से लेकर आलिया भट्ट और हुमा कुरैशी तक बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटी ने नीट एग्जाम लीक के मामले में प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स का सपोर्ट किया. वहीं बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान की बेटी इरा खान ने इस मामले पर कुछ नहीं कहा. इरा ने अब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर अपनी चुप्पी की वजह का खुलासा किया है.
स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर क्यों चुप रहीं इरा खान
गुरुवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक लंबे वीडियो में आमिर खान की बेटी इरा ने बताया कि उन्होंने स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी क्यों साधी हुई है. उन्होंने कहा, "यह सच है कि मैं मेंटल हेल्थ (मानसिक स्वास्थ्य) की वकालत करती हूं और जब भी इन मुद्दों पर बात करती हूं, तो आपका ध्यान चाहती हूं. मुझे लगता है कि मेंटल हेल्थ ही पूरी लाइफ है. मैंने कुछ बातों पर अपनी राय रखने और बोलने का फैसला किया है. कुछ वजहें हैं जिनकी वजह से मैंने ऐसा नहीं किया और मैं उन्हें अच्छी तरह से समझाने की पूरी कोशिश करूंगी."
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‘मैंने विरोध-प्रदर्शन का कोई वीडियो नहीं देखा है’
इरा ने कहा, "सबसे पहले तो मेरे मन में यह बात आई कि मुझे नहीं लगा कि मेरे पास ऐसा कुछ कहने के लिए है जिससे बातचीत में कोई नई बात जुड़ सके. खासकर इसलिए क्योंकि इसे लेकर मेरे मन में कोई खास फीलिंग्स नहीं है, और मैं आम तौर पर सभी खबरों के मामले में ऐसा ही करती हूं. मैं आमतौर पर खबरें नहीं देखती, अपने 'एक्सप्लोर पेज' पर नहीं जाती, और मैंने हिंसा या विरोध-प्रदर्शन का कोई वीडियो नहीं देखा है."

‘हेल्पलेस महसूस करने लगती हूं’
इरा ने कहा, "मुझे पता है कि ये सब हो रहा है और क्या हो रहा है, लेकिन मैं खुद को इससे भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं होने देती क्योंकि इससे मुझे सच में परेशानी होती है, मैं परेशान हो जाती हूं और खुद को बहुत हेल्पलेस महसूस करने लगती हूं.

मैं अपनी एनर्जी और ध्यान इस बात पर फोकस करती हूं कि कोई किसी सिस्टम से अलग या उससे बेपरवाह होकर, अपनी इंडिविजुअल कपैसिटी और अवेलेबल सोर्स के साथ किस तरह सबसे बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकता है, मैं यह नहीं कह रहा कि यही सबसे अच्छा तरीका है, लेकिन मैं यही करती हूं.”
‘न तो खबरें देखती हूं और न ही सोशल मीडिया’
इरा ने आगे कहा, "मैं न तो खबरें देखती हूं और न ही सोशल मीडिया... इसलिए इस बारे में मेरा कोई खास रिएक्शन नहीं रहा है. मेरी अपनी फीलिंग्स अभी मुझ तक नहीं पहुंची हैं. मुझे एक रील भेजी गई थी जिसमें मेरी कजिन दिख रही थी और बताया गया कि शायद उसे किसी प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिया जा रहा है, तो मैं घबरा गई. जैसे ही मुझे पता चला कि वह सेफ है, मैं वापस अपने काम में लग गई... मैंने कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे नहीं लगा कि मेरे कुछ कहने से कोई फ़र्क पड़ेगाय इसलिए, अगर इस समय मेरे चुप रहने का मतलब यह निकाला गया कि मुझे परवाह नहीं है, तो मुझे खेद है, मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था. "

इरा ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि यह प्रोटेस्ट परीक्षाओं के बारे में है और बातचीत व असहमति के लिए गुंजाइश होनी चाहिए. यह मानते हुए कि नजरअंदाज कर पाने की क्षमता एक प्रीविलेज है. उन्होंने कैप्शन में लिखा, "मैं समझती हूं कि नजरअंदाज़ कर पाना, या ऐसा कर सकने की स्थिति में होना... या नजरअंदाज करने का ऑप्शन होना... एक प्रीविलेज है. मैं यह पता लगाने की कोशिश कर रही हूं कि मेरे वैल्यूज के मुताबिक मेरा सबसे हेल्पफुल रोल क्या हो सकता है, और मैं वही करूंगी."
छात्रों के प्रोटेस्ट के बारे में
'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्रों का प्रोटेस्ट 6 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा है. एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल करके इस आंदोलन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारी मई में कथित NEET पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अन्य अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. छात्र इस प्रोटेस्ट के जरिए शिक्षा प्रणाली में सुधार की भी मांग कर रहे हैं.