ITR Filing: हर साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी डेट नजदीक आते ही लाखों लोग ये सवाल पूछते हैं कि अगर ITR कभी फाइल ही नहीं किया जाए तो क्या होगा. कई लोगों को लगता है कि ITR सिर्फ टैक्स देने वालों के लिए जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है. कई मामलों में टैक्स देनदारी न होने पर भी ITR फाइल करना जरूरी हो सकता है. अगर आप ITR फाइल नहीं करते हैं, तो आगे चलकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
किन लोगों के लिए ITR फाइल करना जरूरी है?
अगर आपकी सैलरी आयकर विभाग द्वारा तय की गई सीमा से अधिक है या आप आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं तो ITR दाखिल करना जरूरी है. इसके अलावा, विदेश यात्रा, अधिक बिजली बिल, टीडीएस कटने या पैसों की लेनदेन में भी रिटर्न भरना जरूरी हो सकता है.
ITR फाइल नहीं करने के बड़े नुकसान-
1.जुर्माना
समय सीमा के बाद ITR दाखिल करने पर आयकर विभाग की ओर से लेट फीस देनी पड़ सकती है. आपकी आय और देरी के आधार पर यह राशि अलग-अलग हो सकती है.
2. नोटिस
अगर आप ITR दाखिल करने के पात्र हैं और लगातार रिटर्न नहीं भरते हैं, तो आयकर विभाग आपके पास नोटिस भेज सकता है. ऐसी स्थिति में आपको अपनी आय और लेनदेन का पूरा विवरण देना पड़ सकता है.
3. टैक्स रिफंड
अगर आपके वेतन, बैंक ब्याज या अन्य आय पर TDS कटा है और आप ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको मिलने वाला टैक्स रिफंड नहीं मिल पाएगा.
4. बैंक लोन
आजकल ज्यादातर बैंक और वित्तीय संस्थान होम लोन, कार लोन या बिजनेस लोन देते समय पिछले 2 से 3 वर्षों के ITR की मांग करते हैं. ITR नहीं होने पर लोन का प्रोसेस रूक सकता है.
5. वीजा
कई देशों के दूतावास वीजा आवेदन के दौरान पिछले कुछ वर्षों के ITR की कॉपी मांगते हैं. इससे आपकी आय और वित्तीय स्थिति का आकलन किया जाता है.
6. बिजनेस
अगर आप कारोबारी, फ्रीलांसर या प्रोफेशनल हैं, तो ITR आपके वित्तीय रिकॉर्ड का डॉक्यूमेंट होता है. इसे दाखिल नहीं करने पर आगे चलकर टैक्स से जुड़े विवाद या वित्तीय लेनदेन में परेशानी आ सकती है.
क्या बाद में भी ITR फाइल किया जा सकता है?
हां, अगर समय निकल भी जाता है तो आयकर विभाग के नियमों के अनुसार कुछ मामलों में विलंबित ITR दाखिल किया जा सकता है. हालांकि, इसके साथ लेट फीस और अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं.