Employee Pension Scheme: अगर आप भी प्राइवेट सेक्टर में जॉब करते हैं और आपकी सैलरी से हर महीने EPF के साथ EPS (Employee Pension Scheme) का PF कटता है, तो आपके मन में भी यह सवाल जरूर आता होगा कि रिटायरमेंट के बाद आपको कितनी पेंशन मिलेगी. खासकर हाल में हुए कुछ बदलावों के बाद कई कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि लंबी जॉब के बाद उन्हें हर महीने कितनी पेंशन मिलेगी.
दरअसल, EPS 2026 लागू होने के बाद कर्मचारियों को अपनी मासिक पेंशन पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होगी. हालांकि EPS के तहत पेंशन की राशि एक तय फॉर्मूले के आधार पर निकाली जाती है. आइए जानते हैं 25 साल नौकरी करने के बाद कितनी पेंशन मिल सकती है.
EPS पेंशन के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
कैसे निकाली जाती है EPS पेंशन?
मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70
EPFO के मुताबिक कर्मचारी की मासिक पेंशन हमेशा इसी फॉर्मूला के आधार पर मिलता है. फॉर्मूला में पेंशन योग्य वेतन का मतलब होता है कि आपकी अंतिम 60 महीनों के औसत वेतन और वहीं पेंशन योग्य सेवा का मतलब EPS में योगदान के कुल सालों से है.
20 साल नौकरी पर कितनी मिल सकती है पेंशन?
अगर आप प्राइवेट कर्मचारी है और आपका पेंशन योग्य वेतन 50,000 है और आपने 25 साल तक EPS में अपना योगदान किया है, तो गणना इस प्रकार होगी.
(50,000 × 25) ÷ 70 = 17857.14 प्रति माह
यानी इसके मुताबिक आपको करीब 17857 हर महीने पेंशन मिल सकती है.
इन बातों का रखें ध्यान