भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) का नाम तो आपने अभी तक सुन ही लिया होगा। उन्हें के इस्तीफा के बाद अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वे खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का भी कार्यभार संभालते रहेंगे। उनकी नेटवर्थ 21. 09 करोड़ रुपये से ज्यादा है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके बावजूद उन्होंने 8 करोड़ रुपये का लोन लिया है। उनके पोर्टफोलियो में एसेट एलोकेशन से आम निवेशकों को भी समझ सबक लेना चाहिए। क्योंकि उन्होंने अपना पूरा पैसा बैंक में नहीं रखा है और उन्होंने पैसा होने के बाद भी टैक्स बचाने के लिए होम लिया है।
भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से निवेशकों को क्या सबक लेना चाहिए?केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के साल 2024 के चुनावी हलफनामे से पता चलता है कि उन्होंने अपना पैसा म्युचुअल फंड, रियल एस्टेट से लेकर प्रोविडेंट फंड आदि जगह लगा रखा है। यानी उनके पोर्टफोलियो में बेहतर ऐसेट एलोकेशन दिखता है। अक्सर आम निवेशक यानी मिडिल क्लास परिवार के लोग अपना सारा पैसा या तो बैंक अकाउंट में रखते हैं या फिर उसकी एफडी करवा लेते हैं।
कई लोग तो देखा देखी में अपना सारा पैसा शेयर बाजार में भी लगा देते हैं। लेकिन अपने निवेश से जुड़ी एक लाइन तो सुनी होगी कि एक ही टोकरी में सारे अंडे नहीं रखना चाहिए। वैसे ही अपना सारा पैसा एक जगह पर नहीं रखना चाहिए। ठीक वैसे ही जैसे भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपना ऐसेट एलोकेशन करके रखा है।
प्रह्लाद जोशी की कुल संपत्ति
- चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रहलाद जोशी की कुल नेटवर्थ 21.009 करोड़ रुपये हैं।
- कुल एसेट्स में से 12.11 करोड रुपये उन्होंने रियल स्टेटमेंट में निवेश करके रखे हैं। जिसमें घर, प्लॉट और कृषि योग्य जमीन शामिल हैं।
- भारत के नए शिक्षा मंत्री ने अपना पैसा एसबीआई के म्युचुअल फंड में भी लगाया है।
- उन्होंने पब्लिक प्रोविडेंट फंड और EPF में भी पैसा लगाया है।
- देनदारी की बात करें तो उन पर 8.01 करोड रुपये का लोन है। जिसमें मुख्य तौर पर होम लोन शामिल है।
आम निवेशकों को क्या सीखना चाहिए?
- प्रह्लाद जोशी के पोर्टफोलियो से आम निवेशक खासकर मिडिल क्लास परिवार के निवेशकों को कई चीजे सीखनी चाहिए।
- पहली बात तो अपना सारा पैसा एक जगह न रखें। निवेश के अलग-अलग विकल्पों का सहारा लिया जाना चाहिए।
- मुश्किल समय के लिए पीएफ, EPF आदि सरकारी योजनाओं में निवेश करें।
- जैसे प्रहलाद जोशी ने रियल स्टेट में बड़ा निवेश करके रखा है। वैसे ही आम निवेशकों के पोर्टफोलियो में भी संपत्ति होनी चाहिए जिससे लॉन्ग टर्म में आपको मुनाफा मिले।
- म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आपके पास करोड़ और रुपए होने जरूरी नहीं है। लेकिन इस निवेश से आप महंगाई को मात दे सकते हैं। इसलिए किसी अच्छे फंड का चुनाव करके उसमें निवेश शुरू कर सकते हैं।
प्रल्हाद वेंकटेश जोशी के बारे में...मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। कर्नाटक के विजयपुरा (पहले बीजापुर ) में 27 नवंबर 1962 को को उनका जन्म हुआ था। वे धारवाड़ सीट से लगातार साल 2009, साल 2014, साल 2019 और साल 2024 में हुए लोकसभा चुनावों में जीत हासिल कर चुके हैं।