'एनडीटीवी स्पोर्ट्स' की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, भारत के स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे दौरे पर टी20I सीरीज में भारतीय टीम की 3-0 की एकतरफा जीत में अपनी फिरकी से अहम भूमिका निभाई। सीरीज के दौरान अपनी गेंदबाजी में आए निरंतर सुधार पर बात करते हुए बिश्नोई ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपनी गेंदबाजी शैली और गति (pace) में कुछ रणनीतिक तकनीकी बदलाव किए हैं।
बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि पहले वे बहुत अधिक तेज गति से गेंद फेंकने पर निर्भर रहते थे, जिससे सपाट पिचों पर बल्लेबाजों को बड़े शॉट्स खेलने में आसानी होती थी। हालांकि, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में गेंदबाजी कोचों के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने रन-अप को थोड़ा धीमा किया और हवा में गेंद को अधिक फ्लाइट (flight) देनी शुरू की। इस गति परिवर्तन (variation in pace) और अचानक तेज गुगली फेंकने के कॉम्बिनेशन ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को पूरी तरह भ्रमित कर दिया।
रवि बिश्नोई ने कहा, "एक स्पिनर के रूप में सिर्फ तेज गेंदबाजी करना काफी नहीं होता, बल्कि पिच की मदद और हवा के कोण का सही इस्तेमाल करना जरूरी होता है। मैंने अपनी लाइन-लेंथ पर काफी काम किया है और गति में विविधता लाने से मुझे इस सीरीज में सही टप्पा हासिल करने और विकेट निकालने में बड़ी मदद मिली।" उनके इस शानदार फॉर्म ने आगामी बड़ी श्रृंखलाओं से पहले भारतीय स्पिन आक्रमण को नई मजबूती दी है।