Commonwealth Games 2026, Ajaya Babu: वेटलिफ्टर अजाया बाबू ने देश की चांदी कराई है. उन्होंने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता है. अजाया बाबू को ये कामयाबी पुरुषों के 79 किलोग्राम कैटेगरी में मिली. 22 साल के वेटलिफ्टर ने कुल 330 किलो वजन उठाया, जिसमें स्नैच राउंड में 149 किलो और क्लीन एंड जर्क में 181 किलो का भार शामिल रहा. ग्लासगो में भारत की चांदी कराने वाले अजाया बाबू को वेटलिफ्टिंग विरासत में मिली है. सीधे शब्दों में कहें तो ये खेल उनके खून में है.
जिस गांव से निकले 33 वेटलिफ्टर, वहां से हैं अजाया बाबूअजाया बाबू वलूरी का जन्म 22 नवंबर 2004 को आंध्र प्रदेश के विजयानगरम जिले के कोंडावेलागडा गांव में हुआ था. ये वही गांव है जहां से कुल 33 वेटलिफ्टर निकले, जिसमें से 22 ने नेशनल खेला और 13 ने इंटरनेशनल लेवल पर अपनी छाप छोड़ी. वैसे देखा जाए तो वो आंध्र प्रदेश के जिस उत्तरी क्षेत्र से आते हैं उसे वेटलिफ्टर्स की खान भी कहा जाता है. उस एरिया के गांवों जैसे- गोडालम, कोंडावेलागडा और अमाडालावालासा- से कई नेशनल और इंटरनेशनल वेटलिफ्टर्स निकले हैं.
CWG में पिता के जीते मेडल का रंग बदलाअजाया बाबू वलूरी के परिवार में भी वेटलिफ्टिंग पहले से ही रमी-बसी है. उनके पिता वलूरी श्रीनिवास राव खुद एक इंटरनेशनल वेटलिफ्टर रह चुके हैं. 2015 में पहली बार वेटलिफ्टिंग का पहला पाठ अजाया बाबू को उनके पिता ने ही पढ़ाया. वलूरी श्रीनिवास राव ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में पिता के जीते ब्रॉन्ज को अजाया बाबू वलूरी ने सिल्वर की शक्ल दे दी है.
अजाया बाबू का करियर कैसे हुआ शुरू?अजाया बाबू के करियर की बात करें तो उन्हें 2023 में खेलो इंडिया गेम्स से ब्रेकथ्रू मिला, जहां उन्होंने अपनी वेट कैटेगरी में नेशनल रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. उनके उस प्रदर्शन ने उन्हें इंडियन टीम में जगह दिलाई और फिर उन्होंने इंटरनेशनल इवेंट में उतरना शुरू कर दिया. 2024 में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के जूनियर और सीनियर लेवल पर गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने पहला बड़ा धमाका किया. उसी साल उन्होंने एशियन यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता.
अहमदाबाद से मिला था ग्लासगो जाने का टिकट2025 में अहमदाबाद में हुए कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने अपना सबसे बड़ा परफॉर्मेन्स दिया, जहां उन्होंने 335 किलो वजन उठाकर चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता. उस रिकॉर्डतोड़ जीत ने ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए उनका रास्ता साफ किया था, जहां उन्होंने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता.