बाबा धाम जाने से पहले पढ़ लें! मुफ्त टेंट सिटी, लाइव दर्शन, ड्रोन शो और स्पेशल बसें; क्या है बिहार सरकार की मेगा तैयारी?
TV9 Bharatvarsh July 28, 2026 03:43 PM

Baba Baidyanath Dham Yatra: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के आगाज से पहले बिहार सरकार ने शिवभक्तों और कांवरियों के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करते हैं. श्रावणी मेले का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा. मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. प्रशासन का मानना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक हो सकती है, इसलिए पहले से ही तैयारियां की गई हैं.

इस बार मेले की सबसे बड़ी विशेषता 2850 बेड क्षमता वाली निःशुल्क टेंट सिटी है. इसे भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले के विभिन्न पड़ावों पर विकसित किया गया है ताकि लंबी यात्रा के दौरान कांवरियों को आरामदायक ठहराव मिल सके.

टेंट सिटी की व्यवस्था विभिन्न स्थानों पर की गई है. सुल्तानगंज में 500 बेड, अबरखा में 600, घोरघट में 200, गौड़ियारी में 250, खैरा में 200, धोबई में 200, असरगंज में 300, तारापुर में 200 और संग्रामपुर में 200 बेड उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अलावा अबरखा और कटोरिया में आधुनिक सुविधाओं से लैस विशेष टेंट सिटी भी तैयार की गई है.

सिर्फ विश्राम नहीं, पूरी सुविधा का केंद्र होगी टेंट सिटी

सरकार ने टेंट सिटी को सामान्य विश्राम स्थल की बजाय एकीकृत सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया है. यहां श्रद्धालुओं को निःशुल्क आवास के साथ-साथ स्वच्छ स्नानघर, शौचालय, पेयजल, बिजली, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

सबसे खास बात यह है कि यहां बाबा बैद्यनाथ मंदिर का लाइव प्रसारण भी दिखाया जाएगा. इससे श्रद्धालु विश्राम करते समय भी बाबा के दर्शन कर सकेंगे. इसके अलावा जीविका दीदियों की रसोई के माध्यम से भोजन की व्यवस्था भी की गई है.

पहली बार होगा लेजर और ड्रोन शो

श्रावणी मेले को धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप देने के लिए इस बार कई नए प्रयोग किए गए हैं. पहली बार सुल्तानगंज गंगा घाट पर लेजर और ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा.

पूरे 30 दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें बिहार की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया जाएगा. इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बिहार की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है.

कांवरिया पथ को बनाया गया आकर्षक और सुविधाजनक

सुल्तानगंज से देवघर तक जाने वाले कांवरिया पथ का विशेष सौंदर्यीकरण किया गया है. मार्ग को आकर्षक एलईडी लाइटों, भव्य प्रवेश द्वारों और शिव मंत्रों की ध्वनि से सजाया जा रहा है.

नमामि गंगे घाट, अजगैबीनाथ मंदिर घाट और कच्ची कांवरिया पथ का भी विशेष विकास किया गया है. 54 किलोमीटर लंबे कच्ची कांवरिया पथ पर गंगा की महीन बालू बिछाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में परेशानी न हो.

स्पेशल ट्रेन और बसों से आसान होगी यात्रा

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. रेलवे ने 28 जुलाई से 12 जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया है.

इसके अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और देवघर समेत कई शहरों से 200 से अधिक विशेष बसें चलाई जाएंगी. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी ऑपरेटर अतिरिक्त बस सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी.

सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष जोर

मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कांवरिया मार्ग के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस शिविर स्थापित करने की योजना बनाई है.

धौरी, जोरीपार, मधुकरपुर, शिवलोक, दसपसैया, चंदननगर, जिलेबिया मोड़, जिलेबिया पहाड़ और नीमाटांड़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे. इसके साथ ही पूरे मार्ग पर निगरानी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की गई है.

स्वच्छता बनाए रखने के लिए 300 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है, जो तीन शिफ्टों में लगातार काम करेंगे. उनका मुख्य उद्देश्य कांवरिया पथ और पड़ाव स्थलों को साफ-सुथरा रखना होगा.

पिछले रिकॉर्ड को पार कर सकती है श्रद्धालुओं की संख्या

पिछले वर्ष 66.67 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा की थी. इस बार श्रद्धालुओं की संख्या इससे भी अधिक रहने का अनुमान है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने धार्मिक आस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर यातायात, मजबूत सुरक्षा, स्वच्छता और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ जोड़कर श्रावणी मेला 2026 को पहले से अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार बनाने की तैयारी की है. सरकार का दावा है कि इस बार कांवरियों को यात्रा के दौरान आस्था के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का भी बेहतर अनुभव मिलेगा.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.