भारत में नए पैदा हुए बच्चों और छोटे बच्चों की मालिश करना एक पुरानी परंपरा है. माना जाता है कि समय समय से मालिश से बच्चे को आराम मिलता है और उसकी नींद भी बेहतर होती है. हालांकि, कई माता-पिता के मन में यह सवाल रहता है कि बच्चे की मालिश कितने समय तक करनी चाहिए. आइए जानते हैं कि इस बारे में एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं.
अगर बच्चा स्वस्थ है, तो जन्म के कुछ दिनों बाद हल्के हाथों से मालिश शुरू की जा सकती है. समय और तरीका जानने के लिए अपने बच्चे के रोग की एक्सपर्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है, खासकर अगर बच्चा समय से पहले पैदा हुआ हो या उसे कोई स्वास्थ्य समस्या हो.
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एक्सपर्ट्स के अनुसार, पहले एक साल तक नियमित और हल्के हाथों से मालिश करना फायदेमंद माना जाता है. इसके बाद भी अगर बच्चा मालिश पसंद करता है, तो 2 से 3 साल की उम्र तक जरूरत के अनुसार मालिश की जा सकती है. हालांकि, यह कोई जरूरी नियम नहीं है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसकी जरूरत और पसंद के अनुसार फैसला लिया जा सकता है.
नियमित और सही तरीके से की गई मालिश से बच्चे को आराम महसूस हो सकता है. इससे उसकी नींद बेहतर हो सकती है और माता-पिता साथ ही बच्चे के बीच जुड़ाव भी मजबूत होता है. कुछ बच्चों में मालिश के बाद बेचैनी कम होने और शरीर को आराम मिलने की भी बात कही जाती है.
मालिश हमेशा हल्के हाथों से करें. बहुत ज्यादा दबाव न डालें. बच्चे की त्वचा के अनुसार ही तेल चुनें. अगर तेल लगाने के बाद त्वचा पर लालपन, खुजली या दाने दिखाई दें, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और डॉक्टर से सलाह लें. अगर बच्चा रो रहा हो, बुखार हो या उसकी तबीयत ठीक न हो, तो मालिश बिल्किल न करें.
बाजार में कई तरह के बेबी ऑयल मिलते हैं. आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार या बच्चे की त्वचा को सूट करने वाला हल्का तेल चुन सकते हैं. किसी भी नए तेल का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर जांच करना अच्छा रहता है.
बच्चों की मालिश उनके आराम और देखभाल का हिस्सा हो सकती है. पहले एक साल तक नियमित मालिश करना आमतौर पर फायदेमंद माना जाता है. इसके बाद जरूरत और बच्चे की पसंद के अनुसार इसे जारी रखा जा सकता है. अगर बच्चे को कोई स्वास्थ्य समस्या है या मालिश के बाद त्वचा पर परेशानी दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें.