197 गवाह, 12 साल की जेल… सुप्रीम कोर्ट ने UAPA के दो आरोपियों को दी जमानत
TV9 Bharatvarsh July 29, 2026 11:43 PM

सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार दो आरोपियों, मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर को जमानत दे दी. कोर्ट ने कहा कि वे लगभग 12 साल से जेल में हैं और ट्रायल के जल्द खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं है. संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा दर्ज मामले में दोनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इस मामले में दोनों आरोपियों ने दिल्ली हाई कोर्ट के 24 अप्रैल, 2026 के फैसले को चुनौती दी थी, जिसने UAPA की धारा 43D(5) के तहत उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था.

68 गवाहों से पूछताछ

लाइल लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कोर्ट पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड का हवाला देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल की प्रगति बहुत धीमी रही है. अभियोजन पक्ष ने 197 गवाहों की सूची दी है, फिर भी अब तक केवल 68 से पूछताछ की गई है. जनवरी 2025 से, केवल दो गवाहों से पूछताछ की गई है, जिनमें से एक की गवाही अधूरी है.

मामले में कुल 25 आरोपी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले में 25 आरोपी हैं, और मौजूदा गति को देखते हुए, ट्रायल के जल्द खत्म होने की कोई संभावना नहीं दिखती है. बेंच ने यह भी देखा कि दोनों आरोपी 2014 से हिरासत में हैं. दिल्ली मामले के अलावा, उन्हें राजस्थान में दो अन्य मामलों में या तो जमानत मिल गई है या उनकी सजा निलंबित कर दी गई है.

एक अन्य आरोपी मारूफ मिल चुकी जमानत

इसके अलावा, दिल्ली मामले में एक सह-आरोपी, मोहम्मद मारूफ को पहले ही जमानत मिल चुकी है. इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने माना कि आरोपियों को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं ठहराया जा सकता और यह अनुच्छेद 21 के तहत उनके व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है. नतीजतन, कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

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