संसद में खुलासा, मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंकों ने ग्राहकों से वसूले इतने हजार करोड़
एबीपी बिजनेस डेस्क July 30, 2026 07:42 AM

Fine on Minimum Bank Balance: अगर आपके बैंक अकाउंट में हर महीने फिक्स मिनिमम बैलेंस नहीं रहता है तो यह खबर आपके लिए अहम है. सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान सरकारी और प्राइवेट बैंकों ने कस्टमर से मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने पर 7,087 करोड़ से ज्यादा की रकम चार्ज के सकल में वसूली है.

ये जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में लिखित जवाब के दौरान दी. उनके मुताबिक, जिन कस्टमर ने अपने सेविंग्स या करंट अकाउंट में फिक्स एवरेज बैलेंस नहीं रखा, उनसे बैंक नियमों के अनुसार यह फीस  लिया गया.

किसने कितनी वसूली की?

सरकार के डेटा  के अनुसार, प्राइवेट बैंकों ने 4,948.71 करोड़ और सरकारी बैंकों ने 2,137.92 करोड़ की वसूली की यानी दोनों मिलाकर कस्टमर से 7,086 करोड़ से ज्यादा चार्ज लिया गया है. यह रकम सिर्फ मिनिमम बैलेंस की कंडीशन पूरी नहीं होने के वजह से वसूली गई है.

ऐसे में जिस अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस का नियम लागू है, उसके कस्टमर के लिए फिक्स बैलेंस बनाए रखना जरूरी हो जाता है, नहीं तो हर महीने एक्स्ट्रा चार्ज देना पड़ सकता है.

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HDFC Bank सबसे आगे

रिजर्व बैंक के डेटा के अनुसार, प्राइवेट बैंकों में HDFC Bank ने सबसे ज्यादा 1,798.14 करोड़ की वसूली की इसके बाद Axis Bank का नाम रहा, जिसने 1,081.33 करोड़ चार्ज के सकल में लिए इन दोनों बैंकों की हिस्सेदारी प्राइवेट सेक्टर के 19 बैंकों द्वारा वसूले गए कुल चार्ज का करीब 58% रही इससे साफ है कि मिनिमम बैलेंस से जुड़े चार्ज के जरिए बैंकों ने बड़ी रकम जुटाई है.

लेकिन , सरकार ने ये भी साफ किया कि जीरो बैलेंस सैविंग अकाउंट और प्रधानमंत्री जन धन योजना के अनुसार खोले गए अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस नहीं रखने के वजह से  किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाता यानी जन धन अकाउंट होल्डर और बेसिक सेविंग्स अकाउंट रखने वाले कस्टमर को इस नियम से राहत मिली हुई है.

ब्लिक सेक्टर के बैंकों की फाइनेंशियल कन्डिशन मजबूत

एक और सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों की फाइनेंशियल कन्डिशन पहले के मुकाबले में काफी मजबूत हुई है. सरकारी बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचा है, ग्रॉस एनपीए में कमी आई है और अलग-अलग बिजनेस के लिए लोन देना लगातार ज्यादा हो रहा है. वहीं, बिजनेस मैन  को बड़ी राहत देने के लिए सरकार ने मई 2026 में एक खास योजना Emergency Credit Line Guarantee Scheme 5.0 भी शुरू की है, ताकि जरूरत पड़ने पर बिजनेस चलाने वालों को पैसों की मदद मिल सके.

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