‘चिट्ठी ना कोई संदेश हिंदी सिनेमा के संगीत इतिहास के सबसे मर्मस्पर्शी और लोकप्रिय गीतों में से एक है, जिसे महान गजल गायक जगजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है. 1998 में आई फिल्म दुश्मन का यह गीत ने अपनों को खोने के एहसास को इतनी खूबसूरती से बयां किया कि आज भी सुनने वालों की आंखें नम हो जाती हैं. लगभग 28 साल पहले रिलीज हुए इस गीत के बोल गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे हैं और इसका संगीत उत्तम सिंह ने तैयार किया है.
गजल सम्राट जगजीत सिंह की मखमली आवाज ने इस गीत को कालजयी बना दिया. यह गीत आज भी लोगों के दिलों को छूता है और हिंदी सिनेमा के सबसे दर्द भरे नगमों में गिना जाता है.
इस गाने की सबसे बड़ी ताकतचिट्ठी ना कोई संदेश’ गाने की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और इसके शब्द हैं. बिना किसी भारी-भरकम संगीत के बिना भी जगजीत सिंह की आवाज में इस गीत के शब्द सीधे श्रोताओं के दिल को छूते हैं. यही वजह है कि आज भी यह गीत अक्सर सुनाई देता है.
फिल्म ‘दुश्मन’ ने पूरे किए 28 सालआज से 28 साल पहले 1998 में फिल्म ‘दुश्मन’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म को तनुजा चंद्रा ने डायरेक्ट किया था. वहीं फिल्म में काजोल ने डबल रोल निभाया था. साथ ही संजय दत्त, आशुतोष राणा और जस अरोड़ा ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं. यह फिल्म काजोल की दमदार फिल्मों में से एक है.
आशुतोष राणा को मिला था फिल्म फेयर अवॉर्डबता दें कि फिल्म ‘दुश्मन’ की कहानी जुड़वां बहनों की है, जिसमें से एक की हत्या हो जाती है औऱ दूसरी बहन उसका बदला लेती है. इस फिल्म में आशुतोष राणा ने खलनायक का किरदार निभाया था. गोकुल पंडित के किरदार में उनके शानदार अभिनय को आज भी याद किया जाता है. दुश्मन आशुतोष राणा की डेब्यू फिल्म थी, जिसके जरिए उन्होंने बतौर विलेन पहचान मिली. इस फिल्म के लिए आशुतोष को 1999 में फिल्म फेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. इस फिल्म को कहानी, एक्टिंग और संगीत के लिए दर्शकों और समीक्षकों से काफी तारीफ मिली थी.
दर्द की पहचान बन गया चिट्ठी ना कोई संदेश’फिल्म ‘दुश्मन’ के गाने काफी हिट रहे. इनमें चिट्ठी ना कोई संदेश’ गाना किसी अपने के खोने के एहसास का प्रतीक बन गया. यही वजह है कि नई पीढ़ी भी इस गाने से खुद को जोड़ पाती है. जगजीत सिंह की आवाज और आनंद बख्शी के दिल छू लेने वाले बोल ने इसे ऐसा गीत बना दिया, जिसे सुनते ही आज भी अनगिनत लोग अपनी यादों में खो जाते हैं.