भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे से एक बेहद शानदार खबर आई है. देश के कारखानों, खदानों और बिजली संयंत्रों में कामकाज ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है. सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 7.3 फीसदी की दर से बढ़ा है. यह आंकड़ा इसलिए भी अहम है क्योंकि ठीक एक महीने पहले, यानी मई 2026 में यह ग्रोथ 5.1 प्रतिशत पर थी. यानी बाज़ार में डिमांड बढ़ रही है, जिसे पूरा करने के लिए कंपनियां अपना उत्पादन तेजी से बढ़ा रही हैं. मौजूदा बेस ईयर (2022-23) के आधार पर, जून 2026 का सूचकांक 123.1 पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी महीने में 114.7 था.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दिखाया सबसे ज्यादा दमदेश के औद्योगिक विकास में सबसे बड़ा इंजन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर साबित हुआ है. जून महीने में अकेले इस क्षेत्र ने 7.8 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुल 23 प्रमुख उद्योग समूहों में से 19 ने पिछले साल के मुकाबले पॉजिटिव ग्रोथ दिखाई है. अगर हम सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले उद्योगों की बात करें, तो ‘इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट’ बनाने वाली कंपनियों के उत्पादन में 34.0 प्रतिशत का बंपर उछाल देखा गया है. इसके बाद मोटर वाहन (17.5 प्रतिशत) का नंबर आता है. यानी आम जनता नई गाड़ियां खरीद रही है. वहीं, खाद्य उत्पाद (10.8 प्रतिशत) बनाने वाले सेक्टर में भी तेजी आई है, जो बताता है कि उपभोक्ता जमकर खरीदारी कर रहे हैं.
बिजली की मांग में भारी इजाफाजब फैक्ट्रियां अपनी पूरी क्षमता से चलेंगी, तो ज़ाहिर है बिजली की खपत भी बढ़ेगी. आंकड़ों में यह बात साफ झलकती है. बिजली और गैस सप्लाई सेक्टर में 10.6 प्रतिशत की ज़ोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके अलावा, वाटर सप्लाई से जुड़े सेक्टर ने भी 6.1 फीसदी की दर से विकास किया है. हालांकि, माइनिंग (खनन) क्षेत्र की रफ्तार थोड़ी सुस्त रही, जिसने जून में महज़ 1 प्रतिशत की मामूली ग्रोथ हासिल की.
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर मजबूत होते कदमINDIA’S INDEX OF INDUSTRIAL PRODUCTION (IIP) RECORD GROWTH IN JUNE 2026
✴️A monthly indicator of industrial activity, that tracks momentum in the mining, manufacturing, electricity sectors.
✴️Compiled using a base year indexed to 100 (currently 2022-23). pic.twitter.com/BOkXDfdkOy
— PIB India (@PIB_India) July 31, 2026
भविष्य के निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की सेहत को मापने के लिए कैपिटल गुड्स (पूंजीगत वस्तुएं) के आंकड़ों को बहुत अहम माना जाता है. जून 2026 में इस सेगमेंट ने 14.2 प्रतिशत की सबसे बड़ी छलांग लगाई है. यह एक बेहद सकारात्मक संकेत है, जिसका मतलब है कि देश में नई फैक्ट्रियां लग रही हैं और भारी मशीनरी की मांग में भारी उछाल है. इसके साथ ही, इंटरमीडिएट गुड्स (9.3 फीसदी) से लेकर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (7.7 फीसदी) तक हर वर्ग में अच्छा खासा उछाल देखने को मिला है.
तिमाही नतीजों ने भी दी बड़ी राहतअगर हम चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की पूरी तस्वीर देखें, तो भी हालात काफी मजबूत नज़र आते हैं. इस दौरान कुल IIP ग्रोथ 5.8 प्रतिशत रही. मैन्युफैक्चरिंग में 6.3 फीसदी की तेजी आई. यद्यपि, इस तिमाही में माइनिंग सेक्टर में 1.4 प्रतिशत की गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग की मजबूती ने इसे हावी नहीं होने दिया.