दमन में सरकारी काम में बाधा डालने पर दो साल की सजा
Gyanhigyan August 02, 2026 03:42 AM
दमन में सजा का मामला

दमन में, एक निर्दलीय लोकसभा सदस्य उमेश पटेल और उनके सह-आरोपी को 2011 में भर्ती प्रक्रिया के दौरान सरकारी अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने के आरोप में शनिवार को दो साल की साधारण कारावास की सजा सुनाई गई। यह फैसला दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणिता भारसकाडे-वाघ की अदालत ने सुनाया। दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।


हालांकि, उनकी सजा को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है ताकि वे ऊपरी अदालत में अपील कर सकें। उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 186 और धारा 353 के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 332, 452 और 504 के तहत आरोपों से बरी कर दिया।


अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 12 मार्च 2011 का है, जब दोनों ने मोती दमन के फुटबॉल मैदान में प्रवेश किया, जहां आबकारी उप-निरीक्षक के पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। शिकायतकर्ता, जो उस समय के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक थे, ने आरोप लगाया कि दोनों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और जबरन उस स्थान में घुस गए। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को उनके कार्य करने से रोका और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।


मुकदमे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया और उन्हें दो साल की साधारण कैद की सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि उमेश पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में दमन एवं दीव सीट से भाजपा के तीन बार के सांसद लालू पटेल को हराया था।


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