मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना : अनाथ और असहाय बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला, योगी सरकार में एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रहा योजना का लाभ
Webdunia Hindi August 03, 2026 08:42 AM

- योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो

- सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता के साथ कार्य कर रही

- पढ़ाई जारी रखने पर 23 वर्ष की आयु तक मिलती है आर्थिक सहायता

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) माता-पिता को खो चुके और असहाय परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए बड़ा सहारा है। संवेदनशील शासन और सामाजिक सुरक्षा की सोच के साथ शुरू की गई यह योजना ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। यही कारण है कि योजना के माध्यम से बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।

 

12वीं के बाद भी नहीं रुकती मदद

इस योजना को केवल बचपन तक सीमित नहीं रखा गया है। ऐसे छात्र-छात्राएं, जिन्होंने माता-पिता दोनों अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है और कक्षा 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2500 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता 23 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पाठ्यक्रम समाप्त होने तक, जो पहले हो, जारी रहती है। 

ALSO READ: मुख्यमंत्री योगी ने विधानभवन में अनेक कार्यों का किया शुभारंभ, भूतल स्थित नवीनीकृत कॉरिडोर का किया उद्घाटन

1 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 1,09,539 बच्चे इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

ALSO READ: जनहित से जुड़े हर मुद्दे को सदन में रखें जनप्रतिनिधि : योगी आदित्यनाथ

नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही उनके संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.