अब आयुष्मान भारत से होगा किडनी ट्रांसप्लांट, जुग जुग जियो अभियान शुरू
मदीहा खान August 04, 2026 12:42 PM

देश में अंगदान को बढ़ावा देने और अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के मकसद से सोमवार (3 अगस्त) को 16वां भारतीय अंगदान दिवस मनाया गया. इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कई नई पहल कीं. उन्होंने कहा कि अंगदान इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नई जिंदगी मिलती है.

दुनिया का तीसरा देश बना भारत

अनुप्रिया पटेल ने बताया कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल अंगदान पोर्टल शुरू होने के बाद से अब तक 5 लाख से अधिक लोगों ने आधार सत्यापित अंगदान की शपथ ली है. उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अपील और सरकार के जागरूकता अभियान का लोगों पर सकारात्मक असर पड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत में अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है. वर्ष 2013 में 4990 अंग प्रत्यारोपण हुए थे. वहीं, 2025 में यह संख्या बढ़कर 20138 हो गई, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इसके साथ भारत कुल अंग प्रत्यारोपण के मामले में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है.

प्रत्यारोपण में भी हुआ इजाफा

मंत्री ने बताया कि मृत अंगदाताओं (Deceased Donors) से होने वाले प्रत्यारोपण भी 2013 के 837 से बढ़कर 2025 में 3,526 तक पहुंच गए हैं. उन्होंने माना कि अब भी अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर है, जिसे कम करना सरकार की प्राथमिकता है. इस अवसर पर केंद्र सरकार ने 'जुग जुग जियो अभियान' की शुरुआत की. यह एक साल तक चलने वाला राष्ट्रीय जागरूकता अभियान होगा, जिसका उद्देश्य गांव-गांव तक अंगदान का संदेश पहुंचाना और लोगों को इसके लिए प्रेरित करना है.

सरकार ने लॉन्च किया नया प्लेटफॉर्म

सरकार ने 'ई-प्रत्यारोपण' नाम का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए अस्पताल, डॉक्टर, मरीज, अंगदाता और अन्य सभी संबंधित संस्थाएं एक ही डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकेंगी. इससे रजिस्ट्रेशन, वेटिंग लिस्ट, अंग आवंटन और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी. इसके अलावा NOTTO मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया, जिससे आम लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को अंगदान और प्रत्यारोपण से जुड़ी जानकारी और सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी.

आयुष्मान भारत में किडनी प्रत्यारोपण भी शामिल

कार्यक्रम के दौरान ब्रेन स्टेम डेथ सर्टिफिकेशन के राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और स्वैप ट्रांसप्लांटेशन गाइडलाइंस भी जारी की गईं. इनका उद्देश्य पूरे देश में अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया को एक समान, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है. अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कई लोग आज भी अंगदान को लेकर गलत धारणाएं रखते हैं, जबकि देश का कोई भी प्रमुख धर्म अंगदान का विरोध नहीं करता. सभी धर्म मानव सेवा और जीवन बचाने को सर्वोच्च मानते हैं.

उन्होंने बताया कि सरकार राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम के तहत राज्यों को बुनियादी ढांचे, अंग संरक्षण, परिवहन और अन्य सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता दे रही है. वहीं, आयुष्मान भारत योजना में किडनी प्रत्यारोपण को भी शामिल किया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मदद मिल रही है.

जांघ की चर्बी को न मान लेना नॉर्मल फैट, हो सकती है यह बीमारी

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.