'मार्क, झुको मत', PM मोदी की पोस्ट विवाद पर महुआ मोइत्रा ने खुलकर दिया Meta का साथ
आशुतोष प्रताप सिंह August 04, 2026 11:12 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने के विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया कंपनी Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग का खुलकर समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि Meta को किसी दबाव में आकर माफी नहीं मांगनी चाहिए. वहीं, इस मामले को लेकर संसदीय समिति ने Meta के अधिकारियों से जवाब-तलब किया और कंपनी ने गलती के लिए माफी मांगने की इच्छा जताई.

महुआ मोइत्रा बोलीं- 'मार्क, दबाव में मत आइए'

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, "हैलो मार्क, कृपया किसी के दबाव में आकर माफी मत मांगिए. भारत सरकार अक्सर नागरिकों पर दबाव बनाती है, उन्हें धमकाती है और सरकार की आलोचना करने वाले कंटेंट को अपनी इच्छा से हटवाती है. एक वीडियो कुछ घंटों के लिए गलती से हट गया, इससे आसमान नहीं टूट पड़ा."

ये भी पढ़ें- बांकीपुर और दतिया कैसे हारी BJP? समझें पार्टी का क्या है एनालिसिस

संसदीय समिति के सामने पेश हुए Meta के अधिकारी

महुआ मोइत्रा की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब Meta के प्रतिनिधि सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए. बैठक में समिति के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए हटाए जाने और कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन नीति को लेकर कई सवाल पूछे.

Meta ने माफी मांगने की जताई इच्छा

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, Meta के अधिकारियों ने समिति को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट कुछ समय के लिए गलती से प्रतिबंधित हो गई थी और बाद में उसे बहाल कर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि कंपनी इस गलती के लिए माफी मांगने को तैयार है.

इससे पहले Meta ने इस घटना के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया था. हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कंपनी की इस सफाई को "अपर्याप्त" बताया था.

कंटेंट मॉडरेशन पर उठे कई सवाल

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने Meta की कंटेंट मॉडरेशन नीति पर भी सवाल उठाए. सदस्यों ने पूछा कि जब प्रधानमंत्री की पोस्ट हट गई, तो फिर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्लेटफॉर्म पर कैसे उपलब्ध रही. समिति ने यह भी जानना चाहा कि पोस्ट हटाने के लिए आखिर जिम्मेदार कौन था और इस मामले में जवाबदेही किसकी तय की जाएगी.

भाजपा सांसद ने कानूनी कार्रवाई की मांग की

सूत्रों के अनुसार, एक भाजपा सांसद ने कहा कि केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं है और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए. वहीं, एक अन्य सदस्य ने कहा कि "लोकतंत्र में यदि प्रधानमंत्री का वीडियो भी सुरक्षित नहीं है, तो इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए."

डीपफेक और एल्गोरिदम पर भी हुई चर्चा

समिति ने Meta के अधिकारियों से प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े डीपफेक वीडियो की पहचान करने में कंपनी की तकनीकी व्यवस्था और एल्गोरिदम में संभावित पक्षपात (Algorithmic Bias) को लेकर भी सवाल पूछे.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के नियमन पर हुई बैठक

बैठक की अध्यक्षता भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने की. इस बैठक का उद्देश्य सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमन पर चर्चा करना था. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के अलावा Meta, Google, X, YouTube और Snapchat के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.