अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी के चलते कच्चा तेल दबाव में है. कच्चे तेल की कीमतें ग्लोबल मार्केट में अभी 91 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में है. भारत जैसे किसी देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों का ऊंचा रहना चिंता की बात है क्योंकि भारत इसके आयात पर लगभग पूरी तरह से निर्भर है.
अभी हाल ही में ATF या जेट फ्यूल की कीमतों में 5.46% तक की बढ़ोतरी और कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़ाए जाने से सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अब पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं. इसी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच तेल कंपनियों ने आज के लिए पेट्रोल-डीजल के रेट जारी कर दिए हैं.
आज 2 सितंबर 2026 को भारत के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. सरकार ने बेशक 1 सितंबर से ईंधन के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में बदलाव किया है, लेकिन देश के भीतर आम उपभोक्ताओं के लिए लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 102.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बरकरार है. आइए दूसरे शहरों के फ्यूल रेट्स पर भी एक नजर डालते हैं.
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| हैदराबाद | 115.69 रुपये | 103.82 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| पोर्ट ब्लेयर | 88.66 रुपये | 84.56 रुपये |
| रायपुर | 108.30 रुपये | 101.32 रुपये |
| उदयपुर | 112.95 रुपये | 98.50 रुपये |
1 सितंबर से सरकार ने पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया. पेट्रोल निर्यात पर इसे बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. यह पूरा हिस्सा स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) के रूप में लिया जाएगा. वहीं, डीजल के निर्यात पर कुल लेवी को 24 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया. इसमें 24 रुपये SAED और 1 रुपये रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) शामिल है. वहीं, सरकार ने जेट फ्यूल के विदेशी निर्यात पर लगने वाले टैक्स को 19.50 से मामूली घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया.
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