1 लाख नौकरियां खत्म करने जा रही ये कंपनी, जानें आपकी गाड़ी पर क्या असर?
क़मरजहां September 06, 2026 06:12 AM

जर्मनी की दिग्गज कार कंपनी Volkswagen इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. कंपनी ने लागत कम करने और कारोबार को नए तरीके से ऑर्गेनाइज करने के लिए बड़े लेवल पर कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला किया है.

Volkswagen के नए प्लान के तहत 2030 तक दुनियाभर में करीब 1 लाख नौकरियां कम की जाएंगी. इसमें करीब 50 हजार नौकरियों में कटौती पहले ही तय की जा चुकी थी, जबकि अब लगभग 50 हजार और पद कम करने पर सहमति बनी है. इसे ऑटो इंडस्ट्री की सबसे बड़ी री-स्ट्रक्चरिंग योजनाओं में से एक माना जा रहा है.

1 लाख पद कम करने की योजना

  • Volkswagen ने कर्मचारियों की संख्या कम करने के फैसले को कंपनी की मौजूदा आर्थिक स्थिति और बदलती ऑटो इंडस्ट्री से जोड़ा है. कंपनी का कहना है कि उसे अपनी वर्कफोर्स को बाजार की जरूरत के हिसाब से एडजस्ट करना जरूरी है. नए फैसले के बाद दशक के अंत तक कुल 1 लाख पद कम करने की योजना है. यह संख्या कंपनी के वैश्विक कर्मचारियों का करीब 15 फीसदी हिस्सा है.

  • Volkswagen के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक चीन का कार बाजार है. चीन में स्थानीय कंपनियां तेजी से इलेक्ट्रिक कारें और नई टेक्नोलॉजी वाले मॉडल पेश कर रही हैं. कीमत और टेक्नोलॉजी के मामले में बढ़ते कॉम्पिटीशन के चलते Volkswagen को वहां दबाव का सामना करना पड़ रहा है. चीन में बिक्री कमजोर होने का असर कंपनी के कारोबार पर भी पड़ा है.
  • ऑटो इंडस्ट्री तेजी से पेट्रोल-डीजल कारों से इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ रही है.हालांकि इलेक्ट्रिक कारों की मांग हर बाजार में एक जैसी नहीं है. Volkswagen को भी EV सेगमेंट में बदलती मांग और बढ़ती कॉम्पिटीशन के बीच अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है.कंपनी कम लागत में ज्यादा मॉडल तैयार करने और अपने कारोबार को ज्यादा प्रभावी बनाने पर जोर दे रही है.
  • अमेरिका में यूरोपीय कारों पर टैरिफ बढ़ने से कंपनी की लागत प्रभावित हुई है. इसके अलावा यूरोप में मांग कमजोर रहने और चीन से बढ़ते कॉम्पिटीशन  ने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. इन सभी कारणों के चलते Volkswagen अब अपने खर्च और प्रोडक्शन को कम करने की कोशिश कर रही है.
  • कंपनी की इस री-स्ट्रक्चरिंग का असर जर्मनी के कुछ प्रमुख प्लांट्स पर भी पड़ सकता है. Emden, Zwickau, Hanover और Neckarsulm प्लांट्स में भविष्य में प्रोडक्शन बंद करने या बदलाव की योजना पर चर्चा हुई है.इन जगहों पर प्रोडक्शन 2031 से 2034 के बीच खत्म किया जा सकता है.हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी प्लांट तुरंत बंद होने वाले हैं. 

कंपनी कर रही यैे तैयारी

  • Volkswagen सिर्फ कर्मचारियों की संख्या कम करने तक सीमित नहीं है. कंपनी अपने मॉडल लाइनअप को भी छोटा करने की तैयारी कर रही है. इसका मकसद कम मॉडल पर ज्यादा फोकस करना और प्रोडक्शन को ज्यादा कुशल बनाना है. यूरोप में कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी उसकी बिक्री की तुलना में ज्यादा है, इसलिए ज्यादा कैपेसिटी को कम करने पर भी काम किया जा रहा है.

  • Volkswagen की यह पूरी योजना कंपनी को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए है. कंपनी खर्च कम करने के साथ-साथ रिसर्च और नई टेक्नोलॉजी में निवेश जारी रखना चाहती है. यानी एक तरफ कर्मचारियों और उत्पादन क्षमता में कटौती होगी, वहीं दूसरी तरफ कंपनी भविष्य की कारों, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और नई तकनीक पर अपना फोकस बढ़ाएगी.
  • Volkswagen के भारत कारोबार में भी लागत कम करने के लिए री-स्ट्रक्चरिंग प्लान चल रहा है. Skoda Auto Volkswagen India अपने तीन साल के प्लान को तेज कर रही है, जिसके तहत भारत में करीब 12 फीसदी वर्कफोर्स कम हो सकती है. यह कदम कंपनी के अगले निवेश चक्र से पहले लागत घटाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है.

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