WhatsApp देश में काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है. यहां लोग मैसेज करने के साथ-साथ फोटोज और वीडियोज भी शेयर करते हैं. ऐसे में मेटा समय-समय पर अपने यूजर्स का एक्सपीरिएंस बेहतर करने के लिए नए फीचर्स पेश करती रहती है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब यूजर्स को नए एआई फीचर्स मिल रहे हैं जिनसे उनके काम करने का तरीका काफी आसान हो रहा है. इसी कड़ी में अब व्हाट्सऐप में भी जल्द ही एक नया एआई फीचर आने वाला है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी एक ऐसे फीचर पर काम कर रही है जिसकी मदद से यूजर्स WhatsApp के अंदर ही थर्ड-पार्टी AI एजेंट्स और बॉट्स से बातचीत कर सकेंगे. यानी किसी अलग AI ऐप या वेबसाइट को खोलने की जरूरत नहीं होगी.
WhatsApp के फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार, Android के WhatsApp Beta वर्जन 2.26.35.3 में इस फीचर के संकेत मिले हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि ऐप की Settings के अंदर एक नया Agents सेक्शन दिखाई दे सकता है.
इस सेक्शन के जरिए यूजर्स उन AI सर्विसेज को ऐड और मैनेज कर पाएंगे जो WhatsApp के साथ काम करने के लिए compatible होंगी. किसी एजेंट को जोड़ते समय उसका नाम और प्रोफाइल फोटो भी सेट करने का ऑप्शन मिलने वाला है. इससे अलग-अलग AI एजेंट्स को पहचानना आसान हो जाएगा.
रिपोर्ट की मानें तो WhatsApp एक अकाउंट के साथ मैक्सिमम पांच AI एजेंट्स जोड़ने की सुविधा दे सकता है. अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग एजेंट इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इसके अलावा एजेंट को WhatsApp से जोड़ने के प्रोसेस में API Key अहम भूमिका निभाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर द्वारा एजेंट को कॉन्फिगर करने के बाद WhatsApp एक API Key जनरेट करेगा. इसके बाद इस Key को उस सर्विस में दर्ज करना होगा, जहां AI एजेंट होस्ट किया गया है. इसके जरिए AI सर्विस और WhatsApp चैट के बीच कनेक्शन बन सकेगा.
बताते चलें कि WhatsApp Settings से यूजर्स अपने जुड़े हुए AI एजेंट्स को मैनेज कर सकेंगे. नाम या प्रोफाइल फोटो में बदलाव करने के साथ एजेंट को हटाने का ऑप्शन भी मिल सकता है. किसी एजेंट को हटाने पर उसका WhatsApp कनेक्शन खत्म हो जाएगा लेकिन उस एजेंट के साथ हुई पुरानी बातचीत की हिस्ट्री ऐप में सेव हो सकती है. ऐसे में आगे आने वाले समय में यूजर चाहे तो दोबारा सेटअप करके नई API Key के जरिए उस सर्विस को कनेक्ट कर सकता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फीचर की सबसे दिलचस्प बात ये है कि कनेक्ट किए गए सभी AI एजेंट के लिए WhatsApp में अलग बातचीत दिखाई दे सकती है. यानी यूजर को AI से चैट करने के लिए किसी दूसरे ऐप में जाने की जरूरत नहीं होगी.
इसके साथ ही रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एजेंट को यूजर की दूसरी WhatsApp चैट्स, कॉन्टैक्ट्स या मीडिया तक पहुंच नहीं मिलेगी. इससे अलग-अलग पर्सनल डेटा को लेकर सवाल भी कम उठेंगे.
आपको बता दें कि फिलहाल ये फीचर अभी टेस्टिंग फेज में चल रहा है. WhatsApp आने वाले महीनों में इसे ज्यादा यूजर्स तक पहुंचा सकता है लेकिन कंपनी की ओर से इसके लिए कोई एक डेट फिक्स नहीं की गई है. ऐसे में अगर ये फीचर बड़े लेवल पर जारी होता है तो WhatsApp सिर्फ मैसेजिंग ऐप नहीं रहेगा बल्कि अलग-अलग AI सर्विसेज तक पहुंचने के लिए एक आसान प्लेटफॉर्म भी बन सकता है.
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