अगर आप Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं तो आपने कभी न कभी APK फाइल के जरिए ऐप इंस्टॉल करने के बारे में जरूर सुना होगा. Google Play Store के बाहर से किसी ऐप को डाउनलोड करके सीधे फोन में इंस्टॉल करना Sideloading कहलाता है. ये सुविधा कई बार काफी काम की होती है लेकिन इसमें लापरवाही भारी पड़ सकती है. एक गलत APK आपके फोन में मैलवेयर, स्पाइवेयर या डेटा चोरी करने वाला ऐप पहुंचा सकता है.
जानकारी के अनुसार, APK यानी Android Package Kit, Android ऐप्स को इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल होने वाली फाइल होती है. नॉर्मली हम Play Store से ऐप डाउनलोड करते हैं और इंस्टॉलेशन अपने आप हो जाता है. लेकिन जब किसी वेबसाइट, लिंक, मैसेज या दूसरे सोर्स से APK फाइल डाउनलोड करके खुद इंस्टॉल की जाती है तो इसे Sideloading कहा जाता है. जैसे अगर कोई ऐप Play Store पर उपलब्ध नहीं है और उसकी APK फाइल किसी दूसरी वेबसाइट से डाउनलोड की जाती है तो ये Sideloading का मामला है.
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आपको बता दें कि Sideloading अपने आप में वायरस नहीं है. असली खतरा अनजान या छेड़छाड़ की गई APK फाइल से होता है. साइबर अपराधी फेमश ऐप के नाम और लोगो की नकल करके नकली APK तैयार करते हैं. ऐसा ऐप फोन में इंस्टॉल होने के बाद SMS, कॉन्टैक्ट्स, फाइलों या नोटिफिकेशन जैसी जानकारी तक साइबर अपराधी पहुंच बना लेते हैं. कुछ खतरनाक ऐप बैंकिंग या UPI से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए भी यूजर को धोखा देने की कोशिश कर सकते हैं.
किसी भी APK को इंस्टॉल करने से पहले उसके सोर्स को चेक करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति WhatsApp, Telegram, SMS या सोशल मीडिया पर किसी ऐप का लिंक भेजकर तुरंत इंस्टॉल करने को कह रहा है तो सावधान हो जाएं.
Premium Free, Mod APK, Cracked Version या किसी पेड ऐप का फ्री वर्जन देने वाले लिंक जोखिम भरे हो सकते हैं. डाउनलोड करने से पहले ऐप के डेवलपर का नाम और वेबसाइट को भी चेक करना चाहिए.
Google Play Store पर उपलब्ध ऐप्स के लिए कई तरह की सुरक्षा जांच और मॉनिटरिंग की जाती है. Android का Google Play Protect भी ऐप्स को स्कैन करके खतरनाक ऐप्स की पहचान करने में मदद करता है. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि Play Store पर मौजूद हर ऐप को आंख बंद करके भरोसेमंद मान लिया जाए. ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके रिव्यू, डाउनलोड नंबर, डेवलपर और मांगी गई परमिशन को जरूर चेक करना चाहिए.
अगर किसी खास वजह से APK इंस्टॉल करनी ही पड़े तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए.
अगर आपने गलती से कोई संदिग्ध APK इंस्टॉल कर ली है तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें और Play Protect से फोन स्कैन करें. ऐप ने कौन-कौन सी permissions हासिल की थीं ये भी चेक करें. अगर आपने उसके बाद बैंकिंग या किसी जरूरी अकाउंट में लॉगिन किया है तो पासवर्ड बदलना और उससे जुड़ी सर्विस की सेफ्टी सेटिंग्स को चेक करना बेहतर ऑप्शन रहता है.
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