भारत में अब ट्रैफिक नियम को लेकर सरकार बेहद सख्त हो गई है. क्योंकि, अब रोड पर छोटी से गलती लोगों को भारी पड़ रही है और तुरंत चालान काटा जा रहा है. लेकिन इसके बाद भी कई लोग ट्रैफिक नियमों का धज्जियां उड़ा रहे हैं. जिसके चलते अब मौजूदा सरकार अब और नियम बनाने जा रही है. क्योंकि, अब सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जेब से चालान का जुर्माना भरकर बच निकलना आसान नहीं होगा.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए एक नया ग्रेडेड पॉइंट सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है. इस नियम के तहत हर ट्रैफिक उल्लंघन पर आपके ड्राइविंग लाइसेंस से नेगेटिव पॉइंट्स काट लिए जाएंगे. चलिए समझते हैं कि सरकार की यह नई योजना कैसे काम करेगी और इससे आम चालकों पर क्या असर पड़ेगा.
आपको बता दें कि, नए पॉइंट सिस्टम के तहत हर गाड़ी चलाने वाले के लाइसेंस पर कुछ निश्चित पॉइंट्स दिए जाएंगे. जब भी कोई ड्राइवर रेड लाइट जंप करेगा, ओवरस्पीडिंग करेगा या शराब पीकर गाड़ी चलाएगा तो चालान कटने के साथ-साथ उसके लाइसेंस से तय पॉइंट्स माइनस कर दिए जाएंगे.
जैसे-जैसे उल्लंघन की संख्या बढ़ेगी पॉइंट्स घटते जाएंगे. जब कटे हुए पॉइंट्स की संख्या निर्धारित सीमा को पार कर जाएगी तो ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ द्वारा ड्राइवर का लाइसेंस एक तय अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा.

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जानकारी के लिए बता दें कि, गंभीर और बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों के लिए यह व्यवस्था काफी सख्त रहने वाली है. अगर सस्पेंशन के बाद भी कोई चालक अपनी आदतों में सुधार नहीं लाता है और लगातार ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाता रहता है तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए कैंसिल किया जा सकता है.
इतना ही नहीं गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर भी इसका असर पड़ेगा. एक बार लाइसेंस रद्द होने के बाद व्यक्ति दोबारा कानूनी रूप से सड़क पर गाड़ी नहीं चला पाएगा और बिना लाइसेंस गाड़ी चलाते पकड़े जाने पर जेल तक जाना पड़ सकता है.

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बता दें कि, सरकार का यह नया नियम केवल सजा देने के लिए नहीं है बल्कि नियम मानने वाले अच्छे चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए भी बनाया जा रहा है. जिन चालकों का ड्राइविंग रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहेगा और जिनके लाइसेंस पर कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं होगा उन्हें बीमा कंपनियों से गाड़ियों के इंश्योरेंस प्रीमियम में विशेष छूट और अन्य सरकारी लाभ मिल सकते हैं. यानी सेफ ड्राइविंग करने वालों को सीधा वित्तीय फायदा पहुंचेगा. इससे लोगों के बीच सुरक्षित और अनुशासित तरीके से गाड़ी चलाने की प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी.
वहीं, नियमों को सख्त करने के साथ-साथ सरकार ड्राइवरों की सही ट्रेनिंग पर भी बहुत जोर दे रही है. देश भर में लगभग 1,600 अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोले जाने की योजना पर काम चल रहा है.
सरकार चाहती है कि लाइसेंस देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आए और केवल वही लोग सड़कों पर गाड़ियां लेकर उतरें जिन्हें नियमों की पूरी जानकारी हो. यह नया पॉइंट सिस्टम भारतीय सड़कों को सुरक्षित बनाने और एक्सीडेंट्स की संख्या को कम करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम साबित होने वाला है.
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