पेट्रोल-डीजल की कीमतें आज भी कल के स्तर पर बनी हुई हैं. सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने इनमें कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, यहां डीजल का रेट 95.20 रुपये है. देश भर में पेट्रोल-डीजल के रेट आखिरी बार 25 मई को बदले गए हैं. तब तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी.
शहरवार पेट्रोल-डीजल की कीमतें
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| बरेली | 102.25 रुपये | 95.46 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| रांची | 106.12 रुपये | 100.49 रुपये |
| आगरा | 101.90 रुपये | 95.02 रुपये |
| ग्वालियर | 114.30 रुपये | 99.35 रुपये |
आज 6 सितंबर 2026 को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं. हालांकि रविवार होने की वजह से आज कमोडिटी मार्केट में नया लाइव ट्रेड बंद है इसलिए पिछले कारोबारी सत्र (शुक्रवार शाम) के बंद भाव के अनुसार वैश्विक बेंचमार्क की कीमतें इस प्रकार हैं:-
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 95.85 से 96.28 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बंद हुआ है. पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में फिर से बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज (Starit of Hormuz) से एनर्जी सप्लाई में रुकावटों के बीच इसमें तेजी आई है. वहीं, अमेरिकी क्रूड का भाव लगभग 91.22 से 91.48 डॉलर प्रति बैरल पर टिका हुआ है.
भारत कच्चे तेल की अपनी जरूरत का लगभग 80-85% हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में कच्चा तेल महंगा होने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेबों पर पड़ता है. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक 95 डॉलर के ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो भारत का इम्पोर्ट बिल (आयात खर्च) बढ़ सकता है. इससे भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है और घरेलू बाजार में माल ढुलाई (Transport) महंगी होने से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं.
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