367 रुपये के पार पेट्रोल, डीजल भी 400 के करीब; यहां सरकार ने बढ़ाए फ्यूल के रेट
अरिजीता सेन September 11, 2026 05:42 AM

पाकिस्तान की जनता पहले से ही महंगाई की चपेट में है और अब उन्हें एक और करारा झटका लगा है. दरअसल, पाकिस्तान के ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) और सरकार की दैनिक मूल्य समीक्षा प्रणाली के तहत पेट्रोल-डीजल के दाम फिर से बढ़ा दिए गए हैं. पेट्रोल में 3.40 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिससे कीमतें अब 367.75 प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं. वहीं, हाई-स्पीड डीजल की कीमत 6.72 पाकिस्तानी रुपये बढ़कर 392.67 प्रति लीटर हो गई है. नई कीमतें 10 सितंबर यानी कि आज से लागू हो गई हैं.

3 दिन से लगातार बढ़ रही कीमतें

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. बीते तीन दिनों में यह लगातार तीसरी बार है, जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. यहां एक हफ्ते से भी कम समय के भीतर पेट्रोल में कुल 21.88 रुपये और डीजल में 14.62 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है.

  • सबसे पहले 8 सितंबर को पेट्रोल में 12.90 रुपये और डीजल में 3.72 रुपये की बढ़ोतरी की गई.
  • 9 सितंबर को पेट्रोल में 5.58 रुपये और डीजल में 4.18 रुपये की बढ़ोतरी की गई.
  • 10 सितंबर आज पेट्रोल में 3.40 और डीजल में 6.72 रुपये की ताजा बढ़ोतरी की गई. 

क्यों पाक में गहराया ईंधन संकट?

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में जारी संकट है. इससे कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आई है. ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. भारत की ही तरह पाकिस्तान भी कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देश के विदेशी मु्रा भंडार पर दबाव डाल रही है.

पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की एक और वजह भारी सरकारी टैक्स और IMF की शर्तें भी हैं. पाकिस्तान में सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिले बेलआउट पैकेज और ऋण समझौतों के तहत सब्सिडी खत्म करने का दबाव है. इसी वजह से सरकार वर्तमान में जनता से प्रति लीटर पेट्रोल पर 114 रुपये और डीजल पर 100 रुपये सिर्फ टैक्स, कस्टम ड्यूटी और पेट्रोलियम लेवी (Petroleum Levy) के रूप में वसूल रही है.

IMF की शर्तों के मुताबिक, सरकार अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ने पर नुकसान अपनी जेब से नहीं उठा सकती. नियामक संस्था OGRA द्वारा तय किए जाने वाले शुल्कों और वैश्विक कीमतों में होने वाले बदलावों को बिना किसी देरी के तत्काल घरेलू उपभोक्ताओं पर पास करना अनिवार्य है। इसी दबाव के कारण हाल ही में 15-दिनी समीक्षा को बदलकर दैनिक मूल्य निर्धारण नियम (Daily Pricing Mechanism) लागू किया गया है.  

IMF ने क्या दी है शर्त?        

IMF ने साफ कर दिया है कि यहां सरकार को हर कीमत पर 'फुल कॉस्ट रिकवरी' मॉडल अपनाना होगा। इसका मतलब है कि तेल खरीदने, रिफाइन करने और ट्रांसपोर्ट करने में जितना भी खर्च आएगा, उसका पैसा सरकार की जेब से नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा.

पाकिस्तान में सरकार की टैक्स रेवेन्यू से जितनी भी कमाई होती है, उसका 70% से अधिक हिस्सा पहले ही पुराने विदेशी और घरेलू कर्जों का ब्याज चुकाने में ही चला जाता है. अब क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना सरकार के लिए नामुमकिन है. यही वजह है कि यहां सरकार प्रति लीटर ईंधन पर 100 रुपये से 114 रुपये तक का टैक्स (Petroleum Levy) वसूल रही है.

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