देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आज भी लोगों को राहत मिली है. सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी 12 सितंबर 2026 को भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें कल जितनी ही हैं.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर नजर बनी रहेगी. लेकिन राहत की बात ये है कि 25 मई के बाद से घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के रिटेल रेट में बदलाव नहीं हुआ है.
| शहर का नाम | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 रुपये | 95.20 रुपये |
| मुंबई | 111.31 रुपये | 97.97 रुपये |
| कोलकाता | 113.51 रुपये | 99.82 रुपये |
| चेन्नई | 107.78 रुपये | 99.56 रुपये |
| गुरुग्राम | 102.97 रुपये | 95.94 रुपये |
| पटना | 113.35 रुपये | 99.36 रुपये |
| नागपुर | 111.90 रुपये | 98.20 रुपये |
| श्रीनगर | 104.10 रुपये | 92.81 रुपये |
| इंदौर | 114.32 रुपये | 99.41 रुपये |
किराना पर Scan एंड Pay, जानिए क्यों कार्ड पेमेंट पर भारी पड़ रहा UPI
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार
एक तरफ भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हुई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड के 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी है.
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने पर देश के आयात बिल और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा रहने पर ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ सकती है.
रोज सुबह क्यों बदलते हैं रेट?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों के लिए डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग व्यवस्था लागू है. तेल कंपनियां आम तौर पर हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी करती हैं. हालांकि, हर दिन अंतरराष्ट्रीय बाजारंधन की कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा. अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और परिवहन लागत पर पड़ में होने वाले बदलाव का असर जरूरी नहीं कि तुरंत घरेलू पेट्रोल पंप की कीमतों पर दिखाई दे.
एशिया में नौकरी के लिए सबसे बेस्ट कंपनियां कौनसी हैं? टॉप 100 में भारत का जलवा