पान मसाला विज्ञापन विवाद : शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। पान मसाला का विज्ञापन करना इन तीनों अभिनेताओं को महंगा पड़ गया है। बताया गया है कि इन तीनों के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई है। कोटा के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ कोटा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ये कलाकार भगवा मिश्रित पान मसाले का विज्ञापन करते हैं। लेकिन इस विज्ञापन के जरिए वे युवाओं को धोखा दे रहे हैं। इसलिए आयोग ने अब इन तीनों कलाकारों के साथ-साथ पान मसाला उत्पाद बनाने वाली कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। अदालत ने इस मामले में 21 अप्रैल तक जवाब मांगा है।
अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के साथ-साथ विमल पान मसाला के निर्माताओं को भी कोटा उपभोक्ता अदालत में तलब किया गया है। कोटा के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। पान मसाले के विज्ञापन पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का नाम इंद्रमोहन सिंह हनी है। उन्होंने याचिका में कहा है कि 1 मई 2004 से भारत में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। लेकिन उसके बाद भी इन फिल्मी कलाकारों द्वारा पैसे के लिए भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। इसलिए, युवा पीढ़ी एक अलग दिशा में जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में केसर की कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। लेकिन पान मसाला के निर्माता और कलाकार झूठे विज्ञापन के जरिए इसे बेच रहे हैं। दरअसल, ये कलाकार जिस कंपनी का विज्ञापन करते हैं, उसके विज्ञापन में ‘दाने-दाने में केसर का दम’ और ‘जुबान केसरी’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। भारत के अलावा किसी अन्य देश के कलाकार ऐसी चीजों को प्रोत्साहित नहीं करते। इंद्रमोहन ने यह भी कहा है कि कलाकारों के झूठे प्रचार से युवाओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
यह याचिका 13 नवंबर 2024 को सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता इंद्रमोहन सिंह हनी (एडवोकेट) द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 89 के तहत दायर की गई थी। केसर का बाजार मूल्य 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में मांग की गई है कि विमल पान मसाला में केसर इतने कम दाम पर उपलब्ध होने का भ्रामक विज्ञापन दिखाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बताया गया है कि विमल पान मसाला ने इस संबंध में कोई ठोस सबूत नहीं दिया है।
याचिकाकर्ताओं ने भ्रामक विज्ञापनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जुर्माने की भी मांग की गई है। कहा गया है कि जुर्माने की राशि भारत सरकार के युवा मामले मंत्रालय के युवा कल्याण कोष में जमा कराई जाए। इस शिकायत के आधार पर आयोग के अध्यक्ष अनुराग गौतम और सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत ने शाहरुख, अजय, टाइगर और विमल पान मसाला के निर्माताओं को 21 फरवरी 2025 को नोटिस जारी किया है। इन कलाकारों को उपभोक्ता अदालत में बुलाया गया है।