इनकम टैक्स कैलकुलेशन: 17 लाख रुपये की सैलरी पर नहीं देना होगा टैक्स, बस अपनाने होंगे ये उपाय
Rajasthankhabre Hindi February 27, 2025 02:42 AM

इनकम टैक्स में बड़ी राहत

आयकर विभाग (Income Tax Department) विभिन्न भत्तों (Allowances) पर टैक्स छूट प्रदान करता है। यदि आप अपनी सैलरी पर टैक्स बचाना चाहते हैं, तो आपको अपने सैलरी स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव करने होंगे। इसके लिए आप अपने नियोक्ता (Employer) के HR विभाग से बात कर सकते हैं।

12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री

केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री ने 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को पूरी तरह से टैक्स फ्री कर दिया है। यदि आप प्राइवेट नौकरी करते हैं, तो 17 लाख रुपये तक की सैलरी पर भी टैक्स नहीं देना होगा, बशर्ते आप कुछ विशेष भत्तों (Allowances) का सही इस्तेमाल करें।

कैसे होगी 17 लाख रुपये की सैलरी टैक्स फ्री?

नए इनकम टैक्स सिस्टम (New Tax Regime) में कुछ विशेष भत्तों पर पूरी तरह से टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना जरूरी है।

1. टेलीफोन और मोबाइल बिल पर छूट

अगर आपके नियोक्ता द्वारा टेलीफोन और मोबाइल बिल का खर्च वहन किया जाता है, तो इस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस पर कोई अधिकतम सीमा नहीं है, लेकिन खर्च वास्तविक और व्यावहारिक होना चाहिए। यदि यह भत्ता आपकी सैलरी में शामिल नहीं है, तो आप इसे जोड़ने के लिए HR विभाग से बात कर सकते हैं।

2. विकलांग कर्मचारियों के लिए ट्रांसपोर्ट भत्ता

यदि कोई कर्मचारी विकलांग (Disabled) है, तो उसे ट्रांसपोर्ट भत्ता (Transport Allowance) दिया जाता है, जो पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है। इस भत्ते के तहत रु. 3,200 प्रति माह (रु. 38,400 प्रति वर्ष) की छूट दी जाती है।

3. कन्वेयंस रीइंबर्समेंट (Conveyance Reimbursement)

नियोक्ता कर्मचारियों को उनके कार्य में सहूलियत के लिए कन्वेयंस रीइंबर्समेंट की सुविधा देते हैं। यह ट्रांसपोर्ट अलाउंस से अलग होता है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को अपने यात्रा खर्च के बिल ऑफिस के वित्त विभाग (Finance Department) में जमा करने होते हैं।

4. नियोक्ता की कार लीज पॉलिसी (Car Lease Policy)

कई कंपनियां कर्मचारियों को कार लीज की सुविधा देती हैं। हालांकि, इनकम टैक्स नियमों के तहत इसे पर्क (Perquisite) माना जाता है, लेकिन इसकी वैल्यू बहुत कम होती है।

  • यदि कार का इंजन 1.6 लीटर से कम है, तो इसका कर योग्य मूल्य (Taxable Value) सिर्फ 1,800 रुपये प्रति माह होगा।
  • यदि इंजन 1.6 लीटर से अधिक क्षमता का है, तो कर योग्य मूल्य 2,400 रुपये प्रति माह होगा।
5. स्टैंडर्ड डिडक्शन और अन्य छूट
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन: नए टैक्स सिस्टम में रु. 75,000 का मानक कटौती (Standard Deduction) उपलब्ध है।
  • NPS योगदान: नियोक्ता द्वारा नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) में किया गया 14% योगदान पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।
  • EPF योगदान: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में 12% योगदान भी टैक्स फ्री है।
कैसे बनेगी आपकी 17 लाख रुपये की सैलरी टैक्स फ्री?

अगर आप ऊपर बताए गए सभी भत्तों और छूटों का सही इस्तेमाल करते हैं, तो आपकी 17 लाख रुपये तक की सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके लिए आपको अपनी सैलरी स्ट्रक्चर में कुछ बदलाव करने होंगे और इसके लिए अपने HR विभाग से संपर्क करना होगा।

निष्कर्ष

अगर आप अपनी सैलरी पर टैक्स बचाना चाहते हैं, तो स्मार्ट टैक्स प्लानिंग करें और आयकर विभाग द्वारा दी जाने वाली सभी छूटों का सही इस्तेमाल करें। इससे आप अपनी 17 लाख रुपये तक की सैलरी को टैक्स फ्री बना सकते हैं।

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