जब एक परिवार में पहला बच्चा आता है, तो वह एक नई शुरुआत होती है. इस खुशी के बाद कई माता-पिता अपने दूसरे बच्चे के बारे में सोचते हैं. यह सवाल आमतौर पर उठता है कि पहले और दूसरे बच्चे के बीच कितना गैप होना चाहिए? या पहली प्रेग्नेंसी और दूसरी प्रेग्नेसी के बीच कितना गैप रखें? क्या कोई आइडियल समय है जब दूसरे बच्चे को प्लान किया जाना चाहिए? इस सवाल का जवाब पर्सनल और पारिवारिक स्थिति पर निर्भर करता है, लेकिन फिर भी कुछ सामान्य गाइडलाइन हैं, जो माता-पिता को ये फैसला लेने में मदद कर सकती हैं.
पहली और दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच कितना गैप होना चाहिए? | What Should Be The Gap Between First And Second Pregnancy?
1. शारीरिक और मानसिक तैयारी
पहले बच्चे के जन्म के बाद शरीर को रिकवरी के लिए समय चाहिए होता है. डॉक्टरों का कहना है कि पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम 18 से 24 महीने का गैप होना चाहिए. इस समय में मां का शरीर पूरी तरह से पुनः हेल्दी हो सकता है, जिससे दूसरी गर्भावस्था में रिस्क कम होती हैं.
इसके अलावा, मानसिक रूप से भी माता-पिता को दूसरे बच्चे के लिए तैयार होने का समय चाहिए. पहले बच्चे की देखभाल के साथ-साथ, मानसिक और भावनात्मक रूप से दूसरे बच्चे को स्वीकार करने का समय जरूरी है.
2. पहले बच्चे की देखभाल
पहले बच्चे के जन्म के बाद बच्चों की देखभाल में बहुत समय और एनर्जी लगती है. अगर पहले बच्चे के जन्म के समय और दूसरे बच्चे के बीच ज्यादा गैप होता है, तो पहले बच्चे की केयर और एजुकेशन के लिए ज्यादा समय मिल सकता है. इससे पहले बच्चे को भी खुद की पहचान और अपने माता-पिता का पूरा ध्यान मिल सकता है. लेकिन, अगर गैप छोटा होता है, तो माता-पिता दोनों बच्चों की देखभाल में ज्यादा व्यस्त रह सकते हैं, जिससे घर में थोड़ा सा तनाव हो सकता है.
3. फाइनेंशियल कंडिशन
दूसरे बच्चे को प्लान करने से पहले यह ध्यान रखना जरूरी है कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही हो. बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य खर्चों का ध्यान रखना जरूरी है. पहले बच्चे के लिए पहले से कुछ खर्चे हो चुके होते हैं, ऐसे में आर्थिक स्थिति को जांचना जरूरी है.
4. बायोलॉजिकल और हेल्थ कंडिशन
कुछ महिलाएं पहले बच्चे के बाद जल्दी गर्भवती होने में सक्षम नहीं होतीं, जबकि कुछ महिलाओं के लिए दो बच्चों के बीच कम गैप होना स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हो सकता है. इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि महिला की हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर से सलाह ली जाए.
कुछ महिलाएं गर्भावस्था के बाद स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं, जैसे कि प्री-एक्लेम्पसिया, डायबिटीज, या अन्य जटिलताएं इसलिए एक्सपर्ट की सलाह से दूसरा बच्चा प्लान करना ज्यादा बेहतर होता है.
5. किसी भी बच्चे के लिए समर्पण का समय
दूसरे बच्चे के लिए सही समय का चुनाव यह भी निर्भर करता है कि माता-पिता अपने पहले बच्चे के लिए कितना समय समर्पित करना चाहते हैं. अगर पहले बच्चे के लिए पूरी तरह से समय समर्पित किया जाता है, तो माता-पिता को पहले बच्चे की पूरी देखभाल करने का मौका मिलता है. अगर दूसरा बच्चा जल्द पैदा होता है, तो माता-पिता दोनों बच्चों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए संघर्ष कर सकते हैं.
6. मनोबल और परिवार का सपोर्ट
कभी-कभी परिवार का सपोर्ट भी एक बड़ी भूमिका निभाता है. अगर परिवार में पहले बच्चे के बाद ज्यादा सहायता मिलती है, तो दूसरा बच्चा जल्दी प्लान करना आसान हो सकता है. इसके अलावा, जब माता-पिता की मनोबल मजबूत होता है और वे दोनों बच्चों की देखभाल में सक्षम होते हैं, तो कम गैप में दूसरा बच्चा रखना कम चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, पहले और दूसरे बच्चे के बीच कम से कम 24 महीने का अंतर होना चाहिए. इससे मां की सेहत में पूरी तरह से सुधार आ जाता है. अगर आप 24 महीने से पहले ही दूसरी बार मां बनना चाहती हैं, तो कम से कम 18 महीने का अंतर रखना चाहिए. इस प्रक्रिया को प्रेग्नेंसी स्पेसिंग कहा जाता है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.