दरअसल, हरियाणा के महेंद्रगढ़ से दो लोग बिहार के अररिया जिला के सिकटी प्रखंड के पररिया गांव में शादी करने के लिए पहुंचे थे। करीब 10 दिनों से वे परड़िया के ग्रामीणों के साथ शादी के लिए लड़की ढूंढ रहे थे। काफी खोजबीन के बाद सिकटी थाना क्षेत्र के मुरारीपुर में लड़की के पिता से शादी की बातचीत की।
सिंदूरदान की बारी आई तो...
शादी के खर्च के लिए लड़की के पिता को 15 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। शादी की सारी तैयारी की गई। हल्दी-मेहंदी भी लगी, सारी रस्में लड़की के घर पर ही की गई। सिंदूरदान की बारी आने पर लड़की की मां ने सुंदरनाथ धाम में सिंदूरदान करने की बात कही, तो सभी तैयार हो गए।
इसके बाद मंगलवार की संध्या लड़की और परिवार वाले अधेड़ दूल्हा राजीव गुप्ता, उसके जीजा सुनील अग्रवाल और कुछ स्थानीय लोगों के साथ शादी कराने कुर्साकांटा प्रखंड के सुंदरनाथ धाम मंदिर पहुंचे। मंदिर कमेटी ने दोनों पक्षों से पहचान पत्र मांगा।
मंदिर कमेटी ने दूल्हे और उसके जीजा को पुलिस को सौंपा
पहचान पत्र दिया भी गया, लेकिन जब दो गवाहों को देने की बात कही तो स्थानीय लोग सुंदर नाथ धाम मंदिर से चले गए। इसके बाद धीरे-धीरे दूल्हे के साथ आए लोग भी घर चले गए। शंका के आधार पर मंदिर कमेटी ने दूल्हा एवं उसके जीजा को पुलिस को सौंप दिया।
कुआड़ी थानाध्यक्ष ने क्या बताया?
इधर, कुआड़ी थानाध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि लड़का और उनके जीजा को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। पूछताछ से पता चला कि लड़की के माता-पिता अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं। इसमें दोनों पक्षो की सहमति शामिल थी। कई स्तर से इसकी जांच की गई। अंततः पीआर बॉन्ड बनाकर दोनों को छोड़ दिया गया।
इधर, लड़के का जीजा सुनील अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा-दिल्ली में लड़की की कमी होने के कारण लड़कों की शादी समय पर नहीं हो पाती है। परडिया गांव के कुछ मजदूर हमारे यहां काम करते थे तो मैंने उनसे कहा था कि बिहार में लड़की मिल जाती है तो मैं अपने साले की शादी कराऊंगा, इसलिए यहां आया था।