अस्पताल में हत्या और अनजान कातिल... इन 7 सवालों में उलझी अस्पताल के डायरेक्टर की मर्डर मिस्ट्री, जानें पूरा मामला
Samachar Nama Hindi March 26, 2025 05:42 PM

एक अस्पताल की महिला निदेशक को उसके अस्पताल में ही 6 गोलियां मारी गईं। जिस कमरे में गोली चली, उसके बगल वाले कमरे में करीब 15 लोग मौजूद थे। लेकिन उनमें से किसी ने भी गोलियों की आवाज नहीं सुनी। इस हत्या की घटना के ठीक बाद अस्पताल में एक गुमनाम कॉल आती है और इसके बाद अपराध स्थल को तुरंत मिटा दिया जाता है। हत्या की जानकारी भी पुलिस को करीब दो घंटे बाद दी जाती है। जिस सड़क से हत्यारे आए थे, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी खराब पाए गए हैं। अब जब बिहार पुलिस ने इस हत्या का सच सामने लाया तो वह भी आधा-अधूरा निकला।

एशिया अस्पताल पटना के अगमकुआं इलाके में मौजूद है। अस्पताल के अंदर का दृश्य देखकर लोग दहशत में हैं। दरवाजे और दीवार पर जगह-जगह गोलियों के निशान थे, मेज पर सिम कार्ड के खोल बिखरे पड़े थे, खून के धब्बे थे, खून साफ करने के लिए एक तौलिया रखा हुआ था। शनिवार की दोपहर पटना के उस छोटे से अस्पताल में एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हत्यारों का एक समूह अस्पताल की महिला निदेशक सुरभि राज से मिलने उनके कमरे तक पहुंच गया। उन्होंने कुछ बातचीत की और फिर अचानक उन पर गोली चला दी गई। इसके बाद हत्यारा सुरभि राज को खून से लथपथ फर्श पर छोड़कर अस्पताल से फरार हो गया।

आश्चर्य की बात यह है कि अस्पताल में किसी ने भी हत्यारों को अपने कमरे में आते नहीं देखा और न ही किसी ने गोलियों की आवाज सुनी। बगल के कमरे में प्रशिक्षण ले रहे अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने जब निदेशक सुरभि राज के कमरे में झांका तो अंदर का हाल देखकर वे दंग रह गए। सुरभि अपने कक्ष में खून से लथपथ पड़ी थी। इधर, अस्पताल से ही वहां काम कर रही सफाईकर्मी को किसी ने फोन कर बताया कि डायरेक्टर सुरभि राज को खून की उल्टी हो रही है। उसका कक्ष खून से भर गया है, इसलिए उसे आकर उसे साफ करना चाहिए। दरअसल, तब तक सफाई करने वाली महिला अपना काम खत्म करके घर जा चुकी थी। लेकिन जब उन्होंने सुना कि निदेशक की तबीयत खराब हो गई है और उन्हें सफाई के लिए जाना है, तो वे वापस अस्पताल आए और पूरे कमरे की सफाई की। इसका मतलब यह है कि उसने जाने-अनजाने में अपराध की जांच के सबसे महत्वपूर्ण स्थान यानी अपराध स्थल को साफ कर दिया।

सफाई करने वाली महिला की मासूमियत तो देखिए, कमरा साफ करते-करते उसे डायरेक्टर सुरभि के कमरे से एक चली हुई गोली का खोल भी मिल गया, जिसे देखने के बाद वह समझ नहीं पाई कि यह क्या है और उसने उसे उठाकर उसका खून साफ किया और फिर टेबल पर रख दिया। बाद में पता चला कि सुरभि को उसके कमरे में घुसकर छह गोलियां मारी गयी थीं। और कमरे की सफाई के साथ ही किसी ने पांचों गोली के खोल एकत्र करके अपने पास रख लिए थे, हां एक खोल कमरे में रह गया था, जो बाद में मिला।

उधर, एशिया अस्पताल से एम्स भेजी गई सुरभि राज की आखिरकार इलाज के दौरान एम्स में ही मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब 2.30 बजे घटी। लेकिन पुलिस को इसकी खबर करीब दो घंटे बाद मिली। अस्पताल में गोलीबारी की खबर मिलते ही अगमकुआं थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक पूरा घटनास्थल साफ हो चुका था। गोलियों से छलनी महिला को घटनास्थल से एम्स भेजा गया था और जब तक पुलिस एम्स पहुंची और उसका बयान दर्ज किया, तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।

यह स्पष्ट है कि यह मामला न केवल हत्या का था, बल्कि शुरू से ही रहस्यमय भी था। वह इसलिए क्योंकि हत्या के लिए की गई गोलीबारी के बाद सबसे पहले अस्पताल से शांतिपूर्वक सभी सबूत मिटा दिए गए और सूचना पुलिस को दे दी गई। खैर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी और अस्पताल के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी। गौर करने वाली बात यह है कि यहां भी मामले का संदेह तब और पुख्ता हो गया जब पता चला कि घटना के समय अस्पताल के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। पुलिस ने जांच शुरू की और सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

अस्पताल में जांच के दौरान पुलिस को सुरभि राज के कमरे से एक टोपी और शराब की बोतल भी मिली। जिसे पुलिस ने गोली के खोल सहित अपने कब्जे में ले लिया। दूसरी ओर, सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया जो वही टोपी पहने हुए अस्पताल की ओर आता हुआ दिखाई दिया। इसका मतलब यह है कि अब कड़ियाँ धीरे-धीरे जुड़ रही थीं। अब तक की जांच में 7 ऐसी अहम बातें सामने आईं, जिससे साजिश का शक गहराने लगा है।

यानी जिस तरह से पूरे क्राइम सीन को मैनेज किया गया, उससे साफ था कि इस घटना में कोई न कोई ऐसा जरूर शामिल है, जिसका पूरे अस्पताल पर कंट्रोल है। अब पुलिस ने सुरभि राज के पति के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। पता चला कि घटना से कुछ समय पहले तक वह अस्पताल में ही था, लेकिन घटना से कुछ समय पहले ही वह अस्पताल से चला गया था। जाते समय उसने अपने ससुर को फोन कर उनकी पत्नी यानी बेटी के बारे में गलत जानकारी दी।

हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि इतना सनसनीखेज मामला, जिसमें दिनदहाड़े अस्पताल में घुसकर एक महिला निदेशक की हत्या कर दी गई। सारे सबूत मिटा दिए गए, शक की सुई शुरू से ही अस्पताल के दूसरे संचालक और हत्यारोपी सुरभि राज के पति राकेश रोशन पर थी, उसे गिरफ्तार करने में पुलिस को तीन दिन लग गए। इसके बाद पुलिस ने बताया कि इस हत्या के पीछे मुख्य मकसद प्रेम प्रसंग है। सुरभि राज के पति राकेश रोशन का उनके ही अस्पताल में काम करने वाली अलका नाम की एक महिला के साथ अफेयर चल रहा था और सुरभि इसका विरोध करती थी, जिसके कारण सुरभि और राकेश के बीच रिश्ते काफी खराब हो गए थे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ वित्तीय पहलू भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

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