केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सैलरी संशोधन हर दशक में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों की सैलरी में संशोधन किया जाता है। यह संशोधन महंगाई और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार किया जाता है।
8वें वेतन आयोग के लागू होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है। इस संदर्भ में कर्मचारियों की सैलरी में कितनी वृद्धि होगी, इसके आंकड़े सामने आ चुके हैं।
गोल्डमैन सॉक्स का अनुमान
केंद्रीय कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से सैलरी की गणना में लगे हुए हैं। गोल्डमैन सॉक्स ने बताया है कि कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है।
नया वेतन आयोग कब लागू होगा?
इस साल दिसंबर में 7वें वेतन आयोग को पूरे दस साल हो जाएंगे। ऐसे में उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। आमतौर पर सरकार हर दस साल में नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है।
कर्मचारियों के लिए सैलरी वृद्धि के आंकड़े
कर्मचारी 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से सैलरी की गणना में लगे हुए हैं। गोल्डमैन सॉक्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों की सैलरी 14 से 19 हजार रुपये तक बढ़ सकती है। इससे लगभग 1.15 करोड़ परिवारों को लाभ होगा।
नए वेतन आयोग का गठन कब होगा?
रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग का गठन अप्रैल में होने की संभावना है। इसके बाद, नए वेतन आयोग की सिफारिशें 2026-2027 के वित्त वर्ष तक लागू हो सकती हैं। हालांकि, इसे जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है।
सैलरी वृद्धि का अनुमान
गोल्डमैन सॉक्स ने विभिन्न बजट आवंटनों का विश्लेषण किया है। हाल ही में, एक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी की औसत मासिक सैलरी लगभग 1 लाख रुपये है। इस आंकलन के आधार पर, संभावित वेतन वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
सैलरी कैसे बढ़ेगी?
गोल्डमैन सॉक्स का अनुमान है कि यदि सरकार 8वें वेतन आयोग के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये आवंटित करती है, तो इसमें आधी राशि वेतन संशोधन और बाकी पेंशन के लिए उपयोग होगी। इससे कर्मचारियों का औसत वेतन 1,14,600 रुपये प्रति माह तक पहुंच सकता है।
बजट का वेतन पर प्रभाव
गोल्डमैन ने एक और अनुमान लगाया है कि यदि नए वेतन आयोग के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित होता है, तो सैलरी 1,16,700 रुपये होगी। वहीं, यदि 2.25 लाख करोड़ रुपये जारी किए जाते हैं, तो औसत वेतन 1,18,800 रुपये हो जाएगा।
पिछले वेतन आयोग के आंकड़े
7वें वेतन आयोग को 2016 में लागू किया गया था, जिसमें 1.02 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। जनवरी 2016 से वेतन को प्रभावी माना गया था।
पेंच का मुद्दा
8वें वेतन आयोग का गठन अभी होना बाकी है। नया वेतन आयोग सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद वेतन और पेंशन संशोधन के फिटमेंट फैक्टर पर निर्णय लेगा। कर्मचारियों की मांग कम से कम 2.57 के फिटमेंट फैक्टर की है।