सर्दियों में कार हीटर का उपयोग: जानें सावधानियां और समस्याएं
Gyanhigyan April 02, 2025 09:42 AM
सर्दियों में कार हीटर का उपयोग

ऑटो समाचार: वाहन चालकों के लिए आज की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है। आपने देखा होगा कि देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में लोग ठंड से बचने के लिए अपनी कार में हीटर का सहारा लेते हैं। आइए जानते हैं कि कार में हीटर का उपयोग करने से हमें किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।



(कार हीटर का उपयोग) हाल के दिनों में भारत के कई क्षेत्रों में ठंड ने दस्तक दी है। ऐसे में आपने देखा होगा कि लोग गाड़ी चलाते समय हीटर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे ठंड से तो राहत मिलती है, लेकिन इसके साथ कुछ अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आइए जानते हैं कार में हीटर के उपयोग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें।


जो लोग अपनी कार का उपयोग कर रहे हैं, वे सर्दी से बचने के लिए हीटर का सहारा ले रहे हैं। लेकिन कार में हीटर का उपयोग कभी-कभी आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। एक छोटी सी गलती आपकी गाड़ी को गैस चेंबर में बदल सकती है। तो चलिए जानते हैं कार में हीटर का उपयोग करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।


1) एयर रीसर्क्युलेशन बटन


कार के एसी पैनल में एयर रीसर्क्युलेशन बटन होता है। इसे ON करने से केबिन की हवा फिर से गाड़ी के अंदर प्रवाहित होती है। इसका उपयोग क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। जब यह बटन सक्रिय होता है, तो यह बाहर की गर्म हवा को खींचे बिना केबिन की ठंडी हवा का उपयोग कर तापमान को नियंत्रित करता है।


2) रीसर्क्युलेशन बटन का हीटर के साथ उपयोग


हालांकि इस बटन का अधिकतर उपयोग गर्मियों में किया जाता है, लेकिन सर्दियों में इसका उपयोग नुकसानदायक हो सकता है। कई लोग इसे हीटर के साथ इसलिए चालू रखते हैं ताकि बाहर की ठंडी हवा अंदर न आए और केबिन जल्दी गर्म हो जाए। लेकिन अगर यह बटन लंबे समय तक चालू रहता है, तो आपकी गाड़ी गैस चेंबर बन सकती है। इसके सक्रिय होने पर केबिन की हवा अंदर ही घूमती रहती है और बाहर की ताजा हवा नहीं आती।


3) ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है


एयर रीसर्क्युलेशन बटन के चालू रहने से बाहर की ताजा हवा अंदर नहीं आने के कारण केबिन में ऑक्सीजन का स्तर घटने लगता है, जिससे ड्राइवर और अन्य यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, केबिन में जहरीली गैसों का स्तर बढ़ने से दम घुटने और चक्कर आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, खिड़कियों पर धुंध जमने की समस्या भी हो सकती है।


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