सिरोही जिले के कालन्द्री थानाधिकारी टीकाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नकली सोना असली बताकर बेचकर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा ठगी की रकम बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
सिरोही पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस द्वारा वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत कलंदरी थाना अधिकारी टीकाराम के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक घेवर चंद, कांस्टेबल भीखाराम, विनोद कुमार, राजेंद्र कुमार, महेंद्र राणा व प्रकाश कुमार की टीम ने जितेंद्र कुमार पुत्र लालाराम वागरी निवासी बागरा, पुलिस थाना बागरा, जिला जालोर को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों से धोखाधड़ी की रकम बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस के अनुसार इस मामले में मगनलाल जैन के बेटे अजीत कुमार जैन ने 7 मार्च को तंवरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक खानाबदोश परिवार पिछले कुछ दिनों से नियमित रूप से उनकी आटा चक्की और किराना दुकान पर राशन खरीदने के लिए आ रहा है। 1 मार्च की सुबह दम्पति (पति-पत्नी) उनकी दुकान पर आए और कहा कि उनका बच्चा बहुत गंभीर रूप से बीमार है। इसके संचालन के लिए धन की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने 10 लाख रुपये की सहायता मांगी और बदले में 500 ग्राम वजन के सोने के आभूषण जमानत के तौर पर रख लिए।
बच्चे की गंभीर बीमारी को देखते हुए दुकानदार ने उसे बिना ब्याज के 10 लाख रुपए उधार दे दिए। आरोपी दम्पति द्वारा जमानत के तौर पर रखी गई सोने की चेन की जांच जौहरी द्वारा की गई, जिसने पाया कि वह असली है। इस पर विश्वास करके दुकानदार ने अन्य स्रोतों से 10 लाख रुपये उधार लेकर आरोपियों को दे दिए। बाद में जब दुकानदार का बेटा घर आया तो उसे शक हुआ और उसने अन्य आभूषणों की भी जांच की तो पता चला कि सभी आभूषण नकली थे। इस पर दुकानदार ने धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज करने की मांग की। अब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।