Jaipur में सांसद रौत ने पूछा- जब धर्मांतरण जैसी घटना नहीं तो कानून की आवश्यकता क्यों? बिल का आधार बताए सरकार
Samachar Nama Hindi April 02, 2025 11:42 PM

सांसद राजकुमार राउत ने राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित धर्म परिवर्तन विधेयक पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने मांग की है कि सरकार स्पष्ट रूप से पूछे कि इस विधेयक को लाने का उसका आधार क्या है? उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताए कि राजस्थान में अब तक धर्म परिवर्तन के कितने मामले दर्ज हुए हैं, जिसके चलते यह विधेयक लाया जा रहा है।

सांसद राउत ने दावा किया कि उनके पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में जबरन धर्म परिवर्तन का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति ने ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं कराया है जिसमें कहा गया हो कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने सवाल किया कि जब ऐसी कोई घटना सामने ही नहीं आई तो फिर इस कानून की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का फार्मूला बताया जिसका उद्देश्य मुसलमानों, आदिवासियों और पिछड़े समुदायों के लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करना है।

बिना डेटा के बिल लाने पर सवाल
सांसद राउत ने कहा कि कोई ठोस आंकड़ा उपलब्ध न होने के बावजूद सरकार ने जल्दबाजी में यह विधेयक कैबिनेट के समक्ष पेश किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी विधेयक तभी लाया जाता है जब राज्य में प्रासंगिक घटनाएं हो रही हों, लेकिन यहां कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। फिर भी, सरकार ने विधेयक पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब आदिवासी इलाकों में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले दर्ज किए जा रहे हैं ताकि सरकार अपनी नीतियों को सही ठहरा सके।

सांसद ने सरकार से यह भी पूछा कि जिस दिन यह धर्मांतरण कानून कैबिनेट में लाया गया, उससे दस साल पहले ऐसे कितने मामले सामने आए थे? उन्होंने मांग की कि सरकार को जनवरी 2025 से पहले दर्ज मामलों की संख्या का खुलासा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास जबरन धर्मांतरण पर कोई ठोस आंकड़ा नहीं है और इसलिए वह आदिवासी क्षेत्र के अधिकारियों पर जबरन धर्मांतरण के मामले दर्ज करने और कृत्रिम आंकड़े पेश करने का दबाव बना रही है।

© Copyright @2025 LIDEA. All Rights Reserved.