यह जानकारी बुधवार को संसद को दी गई। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने फरवरी 2025 तक उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक 7,060 करोड़ रुपए का ‘टोल’ एकत्र किए, इसके बाद राजस्थान ने 5,967.13 करोड़ रुपए और महाराष्ट्र ने 5,115.38 करोड़ रुपए टोल एकत्र किए।
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गडकरी ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के चयनित खंडों पर उपलब्ध तकनीक के साथ बाधा मुक्त इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली को लागू करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, सरकार (टोल) ‘पास’ प्रणाली के विवरण पर काम कर रही है। ‘पास’ प्रणाली के विवरण को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इनके कार्यान्वयन के वित्तीय प्रभाव का पता लगाया जा सकता है।
एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सरकार मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड पर निष्पादित एनएच विकास परियोजनाओं के लिए निजी निवेश किया जाता है।
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उन्होंने कहा, इसके अनुसार, सरकार ने वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान 19,232 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान 34,805 करोड़ रुपए का निजी निवेश हासिल किया। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour