कहीं जान के लिए आफत ना बन जाए 270 करोड़ की लागत में बन रहा एलिवेटेड रोड, पिलर्स में पड़े क्रैक लेकिन अधिकारी खामोश
aapkarajasthan April 03, 2025 09:42 PM

राजस्थान के सांचौर शहर में नेशनल हाईवे 68 पर 270 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य में लापरवाही देखने को मिल रही है। निर्माणाधीन पिलरों में दरारें दिखाई दे रही हैं। कई जगह फिनिशिंग अधूरी है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने पूरा निर्माण कार्य ठेकेदार कंपनी पर छोड़ दिया है और विभाग के तकनीकी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लापरवाही के कारण निर्माण स्थल पर हादसे की आशंका बनी हुई है।

अभी पिलर निर्माण का काम चल रहा है
कंपनी इस समय एलिवेटेड रोड के लिए पिलर निर्माण का काम कर रही है, जिस पर न तो प्रशासनिक स्तर के अधिकारी मॉनिटरिंग के तौर पर निरीक्षण के लिए जा रहे हैं और न ही विभाग के अधिकारियों की ओर से समीक्षा कर कोई दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर बनाए जा रहे एलिवेटेड रोड के निर्माण के नाम पर लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शहरवासियों ने एनएचएआई व संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की निगरानी बढ़ाई जाए तथा दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

30 प्रतिशत माइनस में मिला टेंडर
शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर एलिवेटेड रोड के निर्माण का कार्य 30 प्रतिशत माइनस में मिलने के बाद सवाल उठ रहे थे कि कंपनी निर्माण कार्य शुरू करेगी या छोड़ देगी, लेकिन अब टेंडर लेने वाली कंपनी ने मिट्टी की जांच कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।ऐसे में विभाग की उदासीनता एलिवेटेड रोड की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। इस कार्य के तहत एनएच-68 पर सीएनजी पेट्रोल पंप से माखपुरा तक 72 स्थानों पर 90 फीट गहराई से मिट्टी की ड्रिलिंग कर नमूने लिए गए, जिसके लिए 4 स्थानों से मिट्टी के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए वडोदरा स्थित लैब में भेजे गए। जहां उनकी जांच की गई। जांच रिपोर्ट के बाद एलिवेटेड हाईवे की डिजाइन में बदलाव कर निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिसमें 67 पिलर खड़े किए जा रहे हैं।

कंपनी अधिकारियों ने कहा सीमेंट से ठीक करेंगे
कंपनी के अधिकारी यह कहकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं कि एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए बनाए जा रहे पिलर में जो दरारें और धब्बे दिख रहे हैं, वे सामान्य हैं और उन्हें सीमेंट और कंक्रीट से ठीक करेंगे।उनका कहना है कि एलिवेटेड निर्माण में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए, एनएचएआई के अधिकारी से बात कर उचित दिशा-निर्देश देकर संबंधित अधिकारी को पिलर निर्माण के दौरान मौके पर मौजूद रहने को कहा जाएगा, ताकि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के निर्माण मापदंडों की पूरी तरह से पालना हो सके।

प्रदीप गावंडे, जिला कलेक्टर, जालोर
एलिवेटेड निर्माण के लिए जो भी कार्य किया जा रहा है, वह नियमानुसार सही है। गारंटी अवधि में इसे सही रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। अगर पिलर में दरार जैसी जानकारी है, तो वह गलत है।एलिवेटेड रोड के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं, जिसमें फिनिशिंग में अनियमितता के साथ-साथ पिलर में दरारें भी दिखाई दे रही हैं। इस संबंध में हमने तीन जिला स्तरीय जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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