पंजाब के लुधियाना में जगरांव तहसील के तहसीलदार रणजीत सिंह की कार्यशैली ने सरकार को चौंका दिया है। दो सप्ताह पहले, उन्होंने विवादित तरीके से छह रजिस्ट्रियां कीं, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया।
उच्च अधिकारियों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रणजीत सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें तुरंत निलंबित किया गया। अब उन्हें धारकलां पठानकोट स्थानांतरित किया गया है, जहां उन्हें रोजाना एसडीएम कार्यालय में हाजिरी लगानी होगी।
17 जनवरी को, रणजीत सिंह ने जगरांव में छह रजिस्ट्रियां दर्ज कीं, जिनमें उपभोक्ताओं के साथ तस्वीरें लेने में केवल सात मिनट का समय लगा। लुधियाना पूर्वी कार्यालय में एक रजिस्ट्री केवल 5.16 मिनट में की गई। यह दर्शाता है कि उन्होंने 45 किलोमीटर की दूरी मात्र चार मिनट में तय की।
इस गति ने उन्हें दुनिया की सबसे तेज कारों से भी तेज बना दिया।
सरकार ने उनके निलंबन आदेश में स्पष्ट किया है कि लालच के कारण उन्होंने यह कार्य किया।
रणजीत सिंह का रिटायरमेंट 28 फरवरी को होना था, लेकिन जांच पूरी होने तक उन्हें कोई सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
तहसीलदार के निलंबन के साथ ही उनके आरसी मनप्रीत सिंह की गतिविधियों की भी जांच शुरू की गई है। विजिलेंस की विशेष टीम सभी रिकॉर्ड एकत्र कर रही है।
जिन रजिस्ट्रियों पर हस्ताक्षर किए गए थे, वे बिना देखे ही की गई थीं, जिससे आरसी अब जांच के दायरे में हैं।
रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने लुधियाना में जो रजिस्ट्रियां की हैं, उसके लिए उन्होंने कोई राशि नहीं ली। यदि कोई लेन-देन हुआ है, तो मनप्रीत सिंह ही इसके बारे में जानकारी दे सकते हैं।