लखनऊ में एलडीए की नई आवासीय योजनाएं: 8 लाख लोगों को मिलेगा आशियाना
newzfatafat April 04, 2025 01:42 PM
एलडीए की नई योजनाओं की घोषणा


एलडीए की नई योजनाएं: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) तीन नई आवासीय योजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे लगभग आठ लाख लोगों को आवास मिल सकेगा। ये योजनाएं मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत विकसित की जाएंगी, जिसके लिए बजट शासन से प्राप्त होगा। एलडीए ने इस प्रस्ताव को शासन को भेज दिया है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जानकारी दी कि ये योजनाएं एलडीए की सीमा के भीतर लाई जाएंगी। इनमें पूर्वांचल और आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे 1800-1800 एकड़ और मोहनलालगंज में जेल के पीछे 1200 एकड़ में योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के लिए धनराशि शासन से मांगी जाएगी, जिससे कई लाख लोगों को आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।


अनंत नगर योजना का शुभारंभ

वीसी ने बताया कि मोहान रोड पर अनंत नगर योजना को रामनवमी के अवसर पर लॉन्च करने की योजना है। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। यहां की जमीन की कीमत लगभग 41000 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगी, जबकि फ्री होल्ड शुल्क अलग से लिया जाएगा। लॉन्चिंग के समय 334 प्लॉटों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा।


बीकेटी योजना और अन्य अपडेट

वीसी ने यह भी बताया कि बीकेटी योजना के लिए भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कई वर्षों से लंबित प्रबंधन नगर योजना को भी लॉन्च किया जाएगा। ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के बाद यह योजना और भी महत्वपूर्ण हो गई है।


रजिस्ट्री शिविर की सफलता

एलडीए के शिविर में रजिस्ट्री:
 
एलडीए के दो दिवसीय रजिस्ट्री शिविर के पहले दिन 97 रजिस्ट्रियां हुईं। शिविर सुबह 10 बजे शुरू होना था, लेकिन रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारी लगभग डेढ़ घंटे देरी से पहुंचे, जिससे लोगों को इंतजार करना पड़ा। बृहस्पतिवार को भी शिविर जारी रहेगा।


रजिस्ट्री के लिए तैयारियां

एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि शिविर से पहले आवंटियों की रजिस्ट्री के लिए फाइलें तैयार करने के लिए सात दिन का विशेष कैंप लगाया गया था, जिसमें 384 आवंटियों की फाइलें रजिस्ट्री के लिए तैयार की गईं। कैंप में सुबह से ही भीड़ जुटी रही और देर शाम तक निबंधन का कार्य चलता रहा।


एक महिला का अनुभव

व्हीलचेयर की कमी:

शिविर में रजिस्ट्री कराने आई राजाजीपुरम की निवासी संतोष शुक्ला अपने पति मुनेश के साथ वाकर के सहारे पहुंची थीं। उनके पैर में ऑपरेशन हुआ था। जब उन्होंने एलडीए की सीढ़ियां देखीं, तो वह रोने लगीं और बोलीं- 'कैसे चढ़ पाएंगे?' उनके पति ने व्हीलचेयर की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इस पर सचिव विवेक श्रीवास्तव ने उप सचिव माधवेश कुमार को भेजा, जिन्होंने व्हीलचेयर का इंतजाम कराया। इस दौरान उन्हें लगभग 40 मिनट इंतजार करना पड़ा।


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