नई दिल्ली, 04 अप्रैल . सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने शुक्रवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह 25 वर्षों से प्रतिस्पर्धी बाजार में काम कर रही है, उसे सरकार से कोई भी विशेष लाभ नहीं मिला है.
एलआईसी ने जारी एक बयान में कहा, ‘‘हमारा दृढ़ विश्वास है कि यूएसटीआर के विचार भारतीय बीमा विनियमन और एलआईसी के कामकाज की अधूरी समझ पर आधारित हैं.’’ बीमा कंपनी के मुताबिक पिछले 25 वर्षों से एलआईसी 24 निजी जीवन बीमा कंपनियों के साथ पूरी तरह प्रतिस्पर्धी बाजार में काम कर रही है. यह भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) एवं भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से विनियमित है और इसे सरकार या किसी नियामकीय प्राधिकरण से कोई विशेष लाभ नहीं मिलता है.
एलआईसी ने जारी बयान में स्पष्ट किया कि सरकार और नियामक उसके साथ किसी भी अन्य बीमा कंपनी की तरह ही व्यवहार करते हैं. एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) सिद्धार्थ मोहंती ने बयान में कहा, ‘एलआईसी संचालन, सेवा और ग्राहक विश्वास के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.’
दरअसल यूएसटीआर ने एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत कृषि वस्तुओं, दवा निर्माण और मादक पेय पदार्थों जैसे कई अमेरिकी सामानों पर ‘उच्च’ आयात शुल्क लगाने के साथ गैर-शुल्क बाधाएं भी लगाता है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एलआईसी को सरकार से विशेष लाभ मिलता है, जिससे विदेशी बीमा कंपनियां भारतीय बाजार में अप्रतिस्पर्धी हो जाती हैं. यूएसटीआर की रिपोर्ट कहती है, ‘कई ग्राहक निजी बीमा कंपनियों द्वारा पेश की जाने वाली पॉलिसी लेने के बजाय एलआईसी की पॉलिसी खरीदना ही पसंद करते हैं, जिससे एलआईसी को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है.’
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/ प्रजेश शंकर