पदयात्रा के दौरान अनंत अंबानी को लोगों से काफी सम्मान मिला। उनसे एकजुटता दिखाने के लिए कई लोग उनके साथ पैदल चले तो कुछ ने उन्हें भागवान द्वारकाधीश की तस्वीरें भेंट की। कुछ लोग अपने घोड़ों के साथ आए और उन्होंने अंबानी के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। अनंत अंबानी की पदयात्रा की खास बात यह है कि वे कुशिंग सिंड्रोम (एक दुर्लभ हार्मोनल विकार), मोटापा, अस्थमा, फेफड़ों की गंभीर बीमारी जैसी शारीरिक समस्याओं के बावजूद वे पदयात्रा कर रहे हैं। आपको बता दें कि इसी पदयात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने अपने पशु-पक्षी प्रेम का अद्भुत उदाहरण पेश किया था। उन्होंने कटने जा रही मुर्गियों को डबल कीमत पर खरीद कर उनकी रक्षा की।
अपनी इस आध्यात्मिक पदयात्रा के दौरान अनंत द्वारका जाते समय हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और देवी स्तोत्र का जाप करते रहते हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत का अध्यात्म और धर्म से गहरा लगाव है। वे सनातन परंपरा को मानने वाले व्यक्ति हैं। वे न सिर्फ धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं, बल्कि वहां दान भी देते हैं। इनमें प्रमुख रूप से बद्रीनाथ, केदारनाथ, कामाख्या, नाथद्वारा, कालीघाट आदि प्रमुख हैं। कुंभ मेले में भी वे अपने परिवार के साथ नजर आए थे।
अनंत दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी की भी देखरेख करते हैं। गुजरात का प्रसिद्ध 'वनतारा' उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो कि जंगली जानवरों का पुनर्वास केन्द्र है। वनतारा का उद्घाटन कुछ समय पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। अनंत अंबानी अच्छे बिजनेसमैन तो हैं ही, वे भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा से बखूबी जुड़े हुए हैं।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala